देहरादून। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए Mussoorie Dehradun Development Authority (एमडीडीए) ने सेलाकुई और ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई की है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान में लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि बिना स्वीकृति के हो रहे व्यावसायिक और बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया गया।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर
सेलाकुई के शेरपुर क्षेत्र में, श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के पीछे और नए हाईवे के निकट करीब 10 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत लेआउट के प्लाटिंग की जा रही थी। जांच में सामने आया कि भू-स्वामी प्रवीन विज द्वारा आवश्यक अनुमति और मानचित्र स्वीकृति के बिना भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था।
शिकायत मिलने पर एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और प्लाटिंग से जुड़े निर्माण कार्यों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया।
अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग
इसी क्षेत्र में सावेज द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सशांक सक्सेना, अवर अभियंता नीतेश राणा, सुपरवाइजर ललित और पुलिस बल मौजूद रहे। अधिकारियों ने दोहराया कि व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन पर शिकंजा
हरिपुर कला, ऋषिकेश में आदिनाथ अखाड़ा के निकट अशोक मित्तल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के बिना बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था। निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर निर्माण को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता मनीष डिमरी सहित पुलिस बल उपस्थित रहा।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ प्राधिकरण की “जीरो टॉलरेंस” नीति है। कई मामलों में नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते कठोर कदम उठाने पड़े।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसकी वैधता और स्वीकृति की पूरी जांच अवश्य कर लें।
नियमित निरीक्षण, आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार, क्षेत्र में नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध निर्माण की सूचना मिलते ही टीम तत्काल जांच करती है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान भविष्य में और तेज किया जाएगा, ताकि मास्टर प्लान के अनुरूप सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित हो सके।













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