हरिद्वार जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा कंट्रोल रूम सभागार में गैस एजेंसियों और नोडल अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि हर उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर मिले और शिकायतों का त्वरित समाधान हो।
DM के सख्त निर्देश: अब देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि—
- जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर होम डिलीवरी दी जाए।
- गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार नहीं होगी।
- उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए।
यदि किसी उपभोक्ता को गैस डिलीवरी का मैसेज मिलने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता, तो संबंधित एजेंसी की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के लिए जारी हुए कंट्रोल रूम नंबर
एलपीजी गैस से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- 01334-223999
- 01334-239444
- 9068197350
एजेंसियों पर नई व्यवस्था: लाइन खत्म, सुविधा शुरू
DM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- गैस एजेंसियों के बाहर अनावश्यक भीड़ और लंबी लाइन न लगे
- अधिक से अधिक होम डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए
- उपभोक्ताओं को ऑनलाइन KYC के लिए प्रेरित किया जाए
साथ ही एजेंसियों में:
- पेयजल
- शौचालय
की समुचित व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए भी राहत
- उपलब्ध स्टॉक के आधार पर व्यवसायिक गैस सिलेंडर भी दुकानों, होटल और ढाबों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
- आगामी चार धाम यात्रा को देखते हुए गैस की सप्लाई में कोई कमी न हो, इसके लिए विशेष तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
PNG गैस को बढ़ावा: सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
जिलाधिकारी ने जनपद के नागरिकों, व्यापारियों और होटल संचालकों से PNG गैस कनेक्शन लेने की अपील की।
जानकारी के अनुसार:
- घरेलू PNG कनेक्शन शुल्क: ₹7354
- संपर्क नंबर: 09935909486
PNG गैस एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि यह विकल्प सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें—
मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित बीपीसीएल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।












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