भारी बारिश से पहले डीएम का बड़ा एक्शन, 3700 परिवार प्रशासन की निगरानी में

देहरादून। जनपद में लगातार हो रही बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपदा सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

24×7 सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम

डीएम ने आपदा कंट्रोल रूम की संचार व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहे। किसी भी आपदा संबंधी सूचना पर बिना देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं।

सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

एनआईसी सभागार से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम ने सभी विभागों और उप जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सड़क, पेयजल, बिजली, जलभराव, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

खोदी गई सड़कों की तुरंत होगी मरम्मत

जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सभी सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग की लापरवाही से दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित

डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को स्टोन क्रशरों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में खनिज परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों को तत्काल सीज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नदी किनारे लगेंगे वार्निंग सायरन और CCTV

पर्यटन स्थलों और नदी किनारे स्थित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए वार्निंग सायरन और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने या किसी आपदा की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

गर्भवती महिलाओं की होगी विशेष निगरानी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन गर्भवती महिलाओं का प्रसव अगले 7 से 10 दिनों के भीतर संभावित है और जो दुर्गम क्षेत्रों में रहती हैं, उन्हें पहले से सुरक्षित स्थान या अस्पताल के निकट ठहराने की व्यवस्था की जाए।

डेंगू-मलेरिया रोकथाम और स्ट्रीट लाइट सुधारने के निर्देश

नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश सहित सभी नगर निकायों को नियमित फॉगिंग कराने, खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक करने तथा जहां स्ट्रीट लाइट नहीं हैं वहां प्राथमिकता के आधार पर नई लाइटें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

29 संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की विशेष नजर

जिलाधिकारी ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सूची तैयार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगर निगम ने संभावित जलभराव और बाढ़ प्रभावित 29 संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में करीब 3,700 परिवार और 900 घर प्रशासन की निगरानी में हैं।

मानकों के विपरीत सड़क निर्माण पर होगी कार्रवाई

डीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान यदि मानकों के विपरीत सड़क निर्माण या मरम्मत की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनपद के सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!