देहरादून। उत्तराखंड के किसानों को आधुनिक तकनीक, Artificial Intelligence (AI) और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में राज्य में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में किसानों के लिए विकसित ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ मोबाइल एप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति द्वारा विकसित इस मोबाइल एप का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़ी विभिन्न आवश्यक सेवाएं और जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। संस्था के अनुसार, ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ देश में अपनी तरह का पहला ऑल-इन-वन किसान-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे किसानों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्रामीण उद्यमों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
एक ही ऐप में मौसम, AI, फसल सलाह और बाजार की जानकारी
‘मनोरमा कृषि रक्षक’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसानों की खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को अलग-अलग सेवाओं के लिए विभिन्न मोबाइल एप्लीकेशन पर निर्भरता से बचाना और खेत से लेकर बाजार तक डिजिटल सहयोग उपलब्ध कराना है।
एप में रियल टाइम मौसम की जानकारी और मौसम अलर्ट, फसल-विशिष्ट कृषि सलाह, AI आधारित फसल रोग पहचान, कृषि एवं बाजार संबंधी जानकारी, बाजार से सीधा जुड़ाव तथा परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
10 से 11 महीने के शोध और फील्ड स्टडी के बाद तैयार हुआ ऐप
संस्था के अनुसार, ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ को विकसित करने में करीब 10 से 11 माह का गहन शोध, फील्ड स्टडी और कृषि विशेषज्ञों के सुझाव शामिल रहे हैं।
किसानों के साथ जमीनी स्तर पर काम करने के दौरान सामने आई कृषि क्षेत्र की व्यावहारिक समस्याओं को समझने के बाद इस एप की परिकल्पना की गई। इसके बाद तकनीकी टीम के सहयोग से इसे विकसित किया गया।
किसानों के लिए AI आधारित फसल रोग पहचान की सुविधा
कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एप में AI-based crop disease detection जैसी सुविधा भी शामिल की गई है। इसके माध्यम से फसल में दिखाई देने वाले संभावित रोगों की पहचान करने और किसानों को फसल-विशिष्ट सलाह उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया गया है।
इसके साथ ही मौसम में होने वाले बदलाव और संभावित मौसम संबंधी परिस्थितियों की जानकारी एवं अलर्ट किसानों को समय रहते उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
बाजार से सीधे जुड़ने में मदद करेगा प्लेटफॉर्म
‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उद्देश्य केवल कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना नहीं है। इसे किसान की उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी प्रक्रिया में डिजिटल सहयोग देने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।
एप के माध्यम से किसानों को बाजार की जानकारी, बाजार से जुड़ाव, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स और उपज के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच बनाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों को भी मिलेगा लाभ
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) और छोटे ग्रामीण उद्यमों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में तैयार होने वाले उत्पादों को देश के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में डिजिटल माध्यम से सहयोग करना है।
उत्तराखंड से देशभर के किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य
मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कृषि और तकनीक का समन्वय किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संस्था का लक्ष्य इस पहल को केवल उत्तराखंड तक सीमित न रखते हुए भविष्य में देशभर के किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए उपयोगी मॉडल के रूप में विकसित करना है।
CM धामी ने एप को बताया किसानों और SHG के लिए उपयोगी
एप के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप्लीकेशन को किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए उपयोगी पहल बताया और संस्था को शुभकामनाएं दीं।
वहीं, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश की विभिन्न कृषि मंडियों को भी इस एप के माध्यम से एकीकृत करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया।
राजेश डबराल बोले- किसान को एक ही प्लेटफॉर्म पर मिले अधिकतम डिजिटल सुविधाएं
समिति के सह-संस्थापक राजेश डबराल ने कहा, “मनोरमा कृषि रक्षक केवल एक मोबाइल एप नहीं, बल्कि किसानों को तकनीक, AI, मौसम, कृषि सलाह और बाजार से जोड़ने की एक समग्र पहल है। हमारा प्रयास है कि किसान को उसकी जरूरत की अधिकतम डिजिटल सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हों। उत्तराखंड की धरती से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देशभर के किसानों के लिए उपयोगी मॉडल बने, यही हमारा लक्ष्य है।”
ये लोग रहे मौजूद
एप के शुभारंभ अवसर पर मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति की संस्थापक श्रीमती कमला डबराल, सह-संस्थापक श्री राजेश डबराल, टेक्निकल हेड श्री अंशुल, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रांजल नौडियाल और वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरवीर सिंह कठैत उपस्थित रहे।
किसानों के डिजिटल भविष्य की ओर उत्तराखंड का कदम
‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का शुभारंभ कृषि, तकनीक, AI और बाजार को एक साथ जोड़ने की दिशा में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। संस्था का लक्ष्य इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को लगातार विकसित करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है।
मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति के अनुसार, यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के संकल्प की दिशा में तकनीक आधारित पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।













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