देहरादून। आवारा पशुओं और निराश्रित गोवंश के बढ़ते मामलों को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर नगर निकायों को आवारा श्वानों और पशुओं का विस्तृत सर्वे कर सटीक डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
यह बैठक माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में Animal Birth Control (ABC) और Anti-Rabies Vaccination (ARV) कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर आयोजित की गई।
आवारा श्वानों का बनेगा पूरा डेटा, बंध्याकरण और टीकाकरण पर जोर
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को आवारा श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर प्रमाणिक डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने ABC-ARV कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया, ताकि आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।
पालतू कुत्तों का अनिवार्य होगा पंजीकरण
बैठक में जिलाधिकारी ने पालतू श्वानों के अनिवार्य पंजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराया जाए।
इसके साथ ही डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण और प्रबंधन के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर मिले निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस पहुंचाया जाए और वहां उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
देहरादून में 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है।
वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए जा चुके हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी।
नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं। वहीं, पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस अब तक जारी किए जा चुके हैं।
883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं, सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं।
निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए Quick Response Team (QRT) के साथ चार पशुवाहन भी तैनात किए गए हैं।
मार्च से अब तक 109 बंदर जंगल में छोड़े गए
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़ा गया है। इन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पशु प्रबंधन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।















Leave a Reply