एसजीआरआर विश्वविद्यालय में यूथ कनेक्ट: युवाओं को मिला जड़ों से जुड़कर इनोवेशन और स्किल्स का मंत्र

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम के संयुक्त तत्वावधान में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में यूथ कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत के गौरवशाली अतीत, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के साथ ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम में युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, आधुनिक तकनीक और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को अपने अतीत और संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है। संस्कार और ज्ञान के आधार पर ही नए एवं समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिपिन चंद्र घिल्डियाल ने विश्वविद्यालय एवं श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन से जुड़ना गौरव की बात है। उन्होंने मिशन के 350 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने वर्ष 1952 में श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन की नींव रखी और उत्तर भारत में 100 से अधिक स्कूलों की स्थापना की, जो आज भी समाज की आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।

कुलपति ने कहा कि युवाओं का अपनी जड़ों से जुड़ना बेहद जरूरी है। जड़ें जीवन देती हैं और सपने पंख देते हैं, इसलिए विकास के लिए दोनों का साथ जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अभ्युदय भारत के प्रचारक तपन जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में अधिकतम अंक हासिल करने पर जोर दिया जाता है, जबकि जीवन में सफलता के लिए केवल अंक पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास और व्यावहारिक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमताओं को विकसित कर समाज और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

तपन जी ने कहा कि भारत के इतिहास को समझना देश के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से भारत की संस्कृति और विरासत को समझने के साथ-साथ कृतज्ञता, त्याग और जिम्मेदारी की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) कुमुद सेठी ने युवाओं को आत्मरक्षा और देश की सुरक्षा के लिए शोध एवं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल सोशल मीडिया के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने और तकनीकी क्षेत्र में नवाचार की दिशा में भी प्रयास करने चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिपिन चंद्र घिल्डियाल एवं रजिस्ट्रार प्रो. लोकेश गंभीर की ओर से शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की डीन प्रो. सोनिका कंडारी, धनंजय जी, सौरभ, पारस सहित विश्वविद्यालय के अध्यापक, नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

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