बड़ी खबर: 1 करोड़ रिश्वत मामले में CBI ने इस IAS अधिकारी पर कसा शिकंजा..

बिहार कैडर के चर्चित IAS अधिकारी Sanjeev Hans एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में पहले ही जांच झेल चुके संजीव हंस के खिलाफ अब Central Bureau of Investigation (CBI) ने भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज किया है।

ताजा मामला मुंबई के एक बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले ₹1 करोड़ की रिश्वत लेने से जुड़ा बताया जा रहा है।

CBI का बड़ा खुलासा: हवाला और कोडवर्ड से हुआ सौदा

CBI द्वारा दर्ज की गई FIR उस समय की है, जब संजीव हंस दिवंगत केंद्रीय मंत्री Ram Vilas Paswan के निजी सचिव (PS) के रूप में कार्यरत थे।

जांच एजेंसी के अनुसार:

  • मुंबई की कंपनी ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स को राहत दिलाने के लिए डील हुई
  • मामला National Consumer Disputes Redressal Commission (NCDRC) से जुड़ा था
  • ₹1 करोड़ की रिश्वत हवाला नेटवर्क के जरिए दी गई
  • विपुल बंसल नामक बिचौलिए का इस्तेमाल किया गया
  • लेनदेन में खास कोडवर्ड का भी प्रयोग हुआ

CBI का आरोप है कि संजीव हंस ने बिल्डर के पक्ष में सुनवाई की तारीखें बदलवाईं और कंपनी के डायरेक्टर की गिरफ्तारी टालने में मदद की।

विवादों से पुराना नाता

1997 बैच के IAS अधिकारी संजीव हंस का करियर हमेशा विवादों में रहा है।

  • एक महिला द्वारा यौन शोषण के आरोपों के बाद जांच शुरू हुई
  • अक्टूबर 2024 में Enforcement Directorate (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया
  • करीब 10 महीने जेल में बिताने के बाद अक्टूबर 2025 में जमानत मिली
  • जनवरी 2026 में बिहार सरकार ने उन्हें फिर से सेवा में बहाल कर राजस्व बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य पद पर नियुक्त किया

बेनामी संपत्ति का खुलासा

ED की जांच में संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव के बीच गठजोड़ का भी खुलासा हुआ था।

छापेमारी के दौरान:

  • ₹11 करोड़ से ज्यादा नकद बरामद
  • सोने-चांदी के बिस्किट
  • विदेशों में निवेश से जुड़े दस्तावेज

यह मामला उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को और मजबूत करता है।

बचाव पक्ष की सफाई

CBI की नई FIR पर संजीव हंस के वकील चंगेज खान ने प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है।

उनका कहना है कि:
👉 यह मामला तथ्यों पर आधारित नहीं है
👉 कानूनी रूप से टिक नहीं पाएगा

IAS संजीव हंस के खिलाफ CBI की नई कार्रवाई ने एक बार फिर उनके करियर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले की जांच किस दिशा में जाती है और आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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