Rudraprayag news : रुद्रप्रयाग जिले के खांकरा क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां गदेरे में नहाने गए 21 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई।
मृतक की पहचान अंशुल जमलोकी के रूप में हुई है, जो श्रीनगर गढ़वाल में पढ़ाई कर रहा था।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, अंशुल अपने दोस्तों के साथ श्रीनगर गढ़वाल से खांकरा क्षेत्र घूमने आया था।
इस दौरान सभी युवक बदरीनाथ नेशनल हाईवे से सटे सम्राट होटल के पास स्थित मोलदा गदेरे में नहाने के लिए उतरे।
नहाते समय अचानक अंशुल गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।
देखते ही देखते युवक गदेरे में डूब गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ को दोपहर करीब 2:10 बजे अलर्ट किया गया। SDRF पोस्ट रतूड़ा से उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू टीम ने कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव गदेरे से बाहर निकाला।
इसके बाद शव को करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्ग से मुख्य सड़क तक लाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान अंशुल (21) पुत्र विनोद जमलोकी, निवासी ग्राम कोठड़ा, गुप्तकाशी के रूप में हुई है।
वह गुप्तकाशी का रहने वाला था और श्रीनगर गढ़वाल में पढ़ाई कर रहा था।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पहाड़ी गदेरे क्यों होते हैं खतरनाक?
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बहने वाले गाड़-गदेरे दिखने में शांत लगते हैं, लेकिन ये बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
इनके खतरे के कुछ मुख्य कारण:
- तेज ढलान के कारण अचानक बढ़ता बहाव
- बड़े-बड़े पत्थरों के बीच गहराई का अंदाजा न लग पाना
- कुछ स्थानों पर अचानक गहरा पानी
- सुनसान इलाकों में होने के कारण समय पर मदद न मिल पाना
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग तैरना नहीं जानते, उन्हें ऐसे गदेरे से दूर रहना चाहिए।
क्षेत्र में शोक, प्रशासन की अपील
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दुख और आक्रोश का माहौल है।
प्रशासन ने भी पर्यटकों और स्थानीय युवाओं से अपील की है कि वे गदेरे और नदियों में नहाते समय विशेष सावधानी बरतें।












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