अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! धामी सरकार का ‘ऑपरेशन प्रहार’ पूरे प्रदेश में लागू

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है। कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए पूरे राज्य में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

 कानून व्यवस्था पर सख्त मुख्यमंत्री, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

राजधानी देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं, खासकर पूर्व ब्रिगेडियर की हत्या से नाराज मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दीपम सेठ (डीजीपी) को निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए और हर हाल में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 “ऑपरेशन प्रहार” क्या है?

“ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूरे उत्तराखंड में एक साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर पर विशेष निगरानी
  • देर रात संचालित बार और पब्स पर सख्त कार्रवाई
  • रोड रेज, फायरिंग और हुड़दंग पर पूर्ण अंकुश
  • शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान
  • बैरियर और चौराहों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाना

 देहरादून में बड़ी कार्रवाई, अधिकारी निलंबित

पूर्व ब्रिगेडियर हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए। कुठालगेट चौकी प्रभारी अशोक कुमार और उप आबकारी निरीक्षक सोबन सिंह को निलंबित कर दिया गया।

सीएम धामी ने इसे उदाहरण बताते हुए कहा कि
“ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

 अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, हर स्तर पर निगरानी

सरकार ने साफ कर दिया है कि अब हर अधिकारी की जवाबदेही तय होगी:

  • आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को देहरादून की रोजाना मॉनिटरिंग
  • एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल को फील्ड पुलिसिंग मजबूत करने के निर्देश
  • एसटीएफ टीम को सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश

इसके अलावा थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी को खुद फील्ड में उतरकर काम करने को कहा गया है।

 सत्यापन अभियान भी होगा तेज

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सरकार ने ये अहम कदम भी उठाए हैं:

  • पीजी और किरायेदारों का सघन सत्यापन
  • होम-स्टे गतिविधियों की नियमित जांच
  • सुबह और रात के समय पुलिस की सक्रियता बढ़ाना

 जनता की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

“अपराधियों के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई होगी।”

 

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