🔹 बच्चे ड्रग पॉजिटिव मिले तो डीन और संस्थान स्वामी पर भी होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी संस्थान में कोई छात्र ड्रग-पॉजिटिव पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान के डीन एवं स्वामी पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
🔹 यूपीईएस में बड़े स्तर पर टेस्टिंग से अभियान की शुरुआत
आज यूपीईएस कॉलेज देहरादून में जिला प्रशासन की विशेष टीम ने बड़े पैमाने पर छात्रों की ड्रग टेस्टिंग की। डीएम के अनुसार, इस ड्राइव का उद्देश्य विद्यार्थियों और किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
🔹 सभी संस्थानों में बनेगी सक्रिय एंटी ड्रग्स कमेटी
• प्रत्येक स्कूल और कॉलेज में एक छात्र व एक छात्रा की सहभागिता वाली एंटी ड्रग्स कमेटी सक्रिय की जाएगी।
• संस्थानों के आसपास संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
• नशे के अवैध कारोबार की सूचना हेतु मानस हेल्पलाइन – 1933 तथा डीडीएसी हेल्पलाइन – 9625777399 का व्यापक प्रचार किया जाएगा।
🔹 रात्रिकालीन ट्रैफिक चेकिंग में भी होगी ड्रग टेस्टिंग
डीएम ने कहा कि अब ट्रैफिक पुलिस रात्रि में भी संदिग्ध वाहन चालकों की ड्रग टेस्टिंग करेगी।
🔹 राज्य का पहला बच्चों के लिए समर्पित नशामुक्ति केंद्र देहरादून में
किशोरों में बढ़ते नशे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के लिए राज्य का पहला विशेष रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
साथ ही—
• रायवाला ओल्ड एज होम में 30 बेड का नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित।
• AIIMS के साथ MOU के तहत प्रतिदिन 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए आरक्षित।
• जिला प्रशासन ने अपनी एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन भी जारी की—9625777399।
🔹 मेडिकल स्टोर और दवा फैक्ट्रियों पर कड़ी निगरानी
• जिले में संचालित सभी मेडिकल स्टोर्स और फार्मा इकाइयों का निरंतर निरीक्षण होगा।
• सभी मेडिकल स्टोर्स पर 10 दिन के भीतर CCTV लगाना अनिवार्य।
• CCTV न लगाने की स्थिति में ड्रग इंस्पेक्टर लाइसेंस निरस्त करेंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री के “नशामुक्त उत्तराखंड” के विजन को साकार करने हेतु जिला प्रशासन कठोर एवं प्रभावी कदम उठा रहा है, ताकि भविष्य की पीढ़ी को नशे के संकट से सुरक्षित रखा जा सके।












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