क्या है पूरा मामला?
4 अक्टूबर 2025 को SSP कार्यालय के ठीक बाहर जूस की रेहड़ी लगाने वाले बिलावल नामक युवक को एक युवती ने उस समय देख लिया, जब वह:
इस शर्मनाक और अस्वच्छ कृत्य से ग्राहकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। युवक ने सफाई दी कि उसके पेट के निचले हिस्से में फुंसी थी, लेकिन यह स्पष्टीकरण उसकी हरकत को किसी भी तरह जायज़ नहीं ठहरा सका।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जहां:
लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के पदाधिकारी भूपेंद्र कुमार लक्ष्मी ने इसे ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि:
“इतने गंभीर मामले में केवल चालान नहीं, सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी थी।”
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
भूपेंद्र कुमार लक्ष्मी की शिकायत पर आयोग के सदस्य IPS राम सिंह मीना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए:
आयोग ने स्पष्ट किया कि:
“यह मामला सीधे-सीधे उपभोक्ता के स्वास्थ्य अधिकारों से जुड़ा है—पुलिस को सख्ती दिखानी ही होगी।”
क्या बोले भूपेंद्र कुमार लक्ष्मी?
उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा:
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यह घटना जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
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यह मानवाधिकार और उपभोक्ता अधिकार उल्लंघन
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पुलिस द्वारा हल्की कार्रवाई से गलत संदेश जाता है
उन्होंने कहा:
“राष्ट्रवादी क्षेत्रीय पार्टी जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।”
अब सबकी निगाहें SSP देहरादून पर
मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद अब शहर में सबसे बड़ा सवाल यही है:
क्या SSP कार्यालय के बाहर हुई इस गंदी हरकत पर पुलिस अब सख्ती दिखाएगी?
लोग सोशल मीडिया पर भी सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे अस्वच्छ और खतरनाक व्यवहार पर कड़े कदम न उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी।
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