भारत और नेपाल के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और आपसी सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को नैनीताल पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के पर्यटन मॉडल—विशेषकर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क—का अध्ययन कर रहा है ताकि नेपाल के पश्चिमी पर्यटन स्थलों को भी उसी तरह विकसित किया जा सके।
भारत–नेपाल के बीच क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
नैनीताल के एक निजी होटल में आयोजित बैठक में दोनों देशों के पर्यटन व्यवसायियों, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन और स्थानीय हितधारकों ने भाग लिया।
पर्यटन व्यवसायी परमानंद भंडारी ने बताया कि नेपाल चाहता है कि उसके नागरिक भारत के धार्मिक और पर्यटन स्थलों—जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ, मसूरी, देहरादून, कैंची धाम और नैनीताल—का भ्रमण करें।
वहीं नेपाल की ओर से कहा गया कि भारतीय पर्यटकों के लिए—
शुक्लाफांटा नेशनल पार्क, महेन्द्रनगर, धनगढ़ी, करनाली और चीसापानी—पूरी तरह खुले हैं, और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही हैं।
शुक्लाफांटा नेशनल पार्क: कॉर्बेट जैसा आकर्षण
प्रतिनिधियों ने बताया कि शुक्लाफांटा नेशनल पार्क दुर्लभ प्रजातियों का गढ़ है। यहां—
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स्वाम्प डियर (बारहसिंघा) की 5 प्रजातियाँ
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एक-सींग वाला गैंडा
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बाघ, हाथी, ब्लैक बक
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431 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ
निवास करती हैं, जो इसे कॉर्बेट नेशनल पार्क के बराबर एक मजबूत डेस्टिनेशन बनाती हैं।
कोविड के बाद घटी पर्यटक संख्या; संयुक्त प्रयास से उम्मीद
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोविड अवधि से पहले पार्क में हर साल लगभग 4,000 पर्यटक आते थे, लेकिन महामारी के बाद यह संख्या काफी कम हो गई।
इसलिए भारत–नेपाल की संयुक्त टूरिज्म नीति पर्यटन को नए सिरे से गति दे सकती है।
संयुक्त पर्यटन पैकेज और प्रमोशन अभियान की योजना
बैठक में यह सहमति बनी कि—
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नैनीताल से शुक्लाफांटा तक संयुक्त पर्यटन पैकेज बनाया जाएगा।
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सड़क मार्ग से यात्रा को सरल और तेज बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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दोनों देशों में संयुक्त प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा।
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शुक्लाफांटा को उत्तराखंड के पर्यटकों के लिए नई उभरती हुई डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट किया जाएगा।
नेपाल प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारी और संगठन
नेपाल की ओर से —
धनगढ़ी, महेन्द्रनगर, शुक्लाफांटा के व्यवसायी,
डिप्टी वार्डन,
हिमालय नेचर (NGO) और
जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन (नेपाल चैप्टर)
के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारत की ओर से नैनीताल के होटल व्यवसायी व टूर ऑपरेटर —
परमानंद भंडारी, रामचंद्र, केशव पांडेय, संतोष पलड़िया, पुष्कर, नंदलाल पांडेय, धन्यजय जयश्री, श्रीराम घिमरे, खेम भंडारी, विष्णु प्रसाद पनेरू, रमेश नंद तिवारी और पुरुषोत्तम आर्य सहित कई सोशल हितधारक उपस्थित रहे।













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