कूटरचना के सहारे दो संपत्तियां हड़पीं, किराए से चलता था पिता का इलाज
शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग अग्रवाल इलाज के लिए अपनी बेटी के पास गाजियाबाद गए हुए थे। इसी दौरान बड़े पुत्र ने उनके नाम पर बनी पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए दोनों संपत्तियों को अपनी पत्नी पूजा अग्रवाल के नाम गिफ्ट डीड कर दिया।
इन संपत्तियों से मिलने वाले किराए से ही बुजुर्ग का इलाज चलता था, जिससे पूरा परिवार संकट में आ गया।
DM तक पहुंचा मामला, तुरंत जांच के आदेश — FIR दर्ज
बुजुर्ग पिता की गुहार पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए—
को जांच के आदेश दिए और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जांच में कूटरचना और धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज कराया गया।
जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई — गिफ्ट डीड रद्द
जिला प्रशासन ने दस्तावेजों की जांच और तथ्यात्मक सत्यापन के बाद विवादित गिफ्ट डीड को रद्द कर दिया है।
DM ने स्पष्ट कहा कि—
“बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों और असहाय व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या संपत्ति हड़पने की कोशिश किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
बेटे की धोखाधड़ी उजागर, वरिष्ठ नागरिक को मिली राहत
DM की कार्रवाई से 88 वर्षीय पीड़ित बुजुर्ग को न्याय मिला है। साथ ही प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति पर धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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