डोईवाला/देहरादून।
“नशा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की गंभीर समस्या है। सभी अपराधों की जड़ कहीं न कहीं नशा ही है।” यह विचार मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्टाचार निवारक समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड सरकार के सदस्य एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने डोईवाला में आयोजित नशा-मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्टाचार निवारक समिति उत्तराखंड तथा सजग इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में पिछले 15 वर्षों से लगातार संचालित नशा-मुक्ति अभियान के अंतर्गत बुधवार को हरज्ञान चंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, डोईवाला में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नशे के खिलाफ शपथ लेकर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज निर्माण का संकल्प लिया।
नशा-मुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव: ललित जोशी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक क्षमताओं को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि आज नशे का स्वरूप बदल चुका है। शराब, सिगरेट और मादक पदार्थों के साथ-साथ मोबाइल गेमिंग की लत, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और डिजिटल मनोरंजन पर निर्भरता भी युवाओं को मानसिक रूप से कमजोर बना रही है, जिससे उनका समय, ऊर्जा और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने साझा किए अनुभव, जागरूकता का दिया संदेश
संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी नशे के दुष्प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। कई विद्यार्थियों ने नशे के कारण अपने परिवार और समाज में घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुए भावुक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से रखने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
विद्यालय परिवार और प्रशासन की रही सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ईश्वर चन्द्र अग्रवाल, प्रधानाचार्य महेश चन्द्र गुप्ता, परीक्षा प्रभारी नरेश बलूनी, कार्यालय प्रमुख संजय पांडे, शिक्षक हिमांशु, सुरेन्द्र सिंह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। वहीं, चौकी इंचार्ज लाल टप्पर डोईवाला विनय मित्तल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी मजबूती प्रदान की।
नशा-मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें एक सकारात्मक, अनुशासित और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना रहा। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।













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