सशक्त लोकायुक्त गठन की मांग को लेकर RRP का सरकार को अल्टीमेटम, 4 जनवरी उपवास और 11 को सीएम आवास कूच

देहरादून : उत्तराखंड में सशक्त और स्वतंत्र लोकायुक्त के गठन की लंबित मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने और हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।

पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई, तो 4 जनवरी 2026 को देहरादून घंटाघर स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी स्मारक पर एक दिवसीय उपवास, 11 जनवरी क्रांति दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक विशाल रैली, तथा 30 जनवरी 2026 से लोकायुक्त कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशव्यापी आंदोलन भी छेड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, फिजूलखर्ची रोकने की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी की ओर से माननीय मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया, जिसमें लोकायुक्त के शीघ्र गठन की मांग के साथ-साथ लोकायुक्त के नाम पर हो रहे करोड़ों रुपये के अनावश्यक व्यय को तत्काल रोकने का आग्रह किया गया।

नेताओं के प्रमुख बयान

शिव प्रसाद सेमवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, RRP)

“राज्य सरकार ने हर चुनाव में सशक्त लोकायुक्त का वादा किया, लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार की चुप्पी बेहद गंभीर है। लोकायुक्त के बिना उसके नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करना जनता के साथ धोखा है। यदि सरकार ने अब भी कार्रवाई नहीं की, तो 30 जनवरी से आमरण अनशन और प्रदेशव्यापी आंदोलन अनिवार्य होगा। उत्तराखंड की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है।”

परमानंद बलोदी (लोकायुक्त अभियान संयोजक)

“लोकायुक्त के नाम पर भवन, स्टाफ और वाहनों पर भारी खर्च किया जा रहा है, जबकि नियुक्ति शून्य है। यह जनता के पैसे की बर्बादी है। हमारा आंदोलन पूरी तरह अहिंसक होगा, लेकिन सरकार की उदासीनता के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक रहेगा।”

सुमन राम बडोनी

“उत्तराखंड की जनता पारदर्शी और जवाबदेह शासन चाहती है। सशक्त लोकायुक्त के बिना भ्रष्टाचार पर लगाम संभव नहीं है। यदि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए, तो जनआंदोलन तेज किया जाएगा।”

सुलोचना ईष्टवाल (प्रदेश अध्यक्ष)

“भ्रष्टाचार का सबसे अधिक असर महिलाओं और आम नागरिकों पर पड़ता है। पार्टी प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाएगी। सरकार को समझना होगा कि जनता की हताशा अब आंदोलन में बदल रही है।”

कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे, समर्थन की अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने अन्य सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।

लंबे समय से लंबित है लोकायुक्त नियुक्ति

गौरतलब है कि लोकायुक्त अधिनियम 2014 पारित होने के बावजूद उत्तराखंड में अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हो सकी है। RRP का दावा है कि यह आंदोलन भ्रष्टाचार-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

प्रेस वार्ता में मौजूद प्रमुख लोग

प्रेस वार्ता में पार्टी के

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल,
  • प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल,
  • लोकायुक्त अभियान संयोजक परमानंद बलोदी,
  • सुमन राम बडोनी,
  • वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल,
  • आरटीआई व मानवाधिकार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार,
  • देहरादून जिला अध्यक्ष नवीन पंत सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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