Almora Accident: सड़क की खामियों ने लील लीं सात जिंदगियां… सामने आई गंभीर चूक; इन पांच बड़े कारणों से हादसा

अल्मोड़ा | भिकियासैंण
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। विनायक–भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर लगभग 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक–परिचालक समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

नौबाड़ा से रामनगर जा रही इस बस (UK07 PA 4025) में कुल 19 यात्री सवार थे। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।

हादसे के पीछे सिर्फ एक गलती नहीं, सामने आए 5 बड़े कारण

प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी के अनुसार यह हादसा किसी एक चूक का परिणाम नहीं, बल्कि सड़क और सिस्टम की कई गंभीर खामियों का नतीजा है।

1️⃣ सड़क पर गहरे गड्ढे

स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटनास्थल पर लंबे समय से गहरे गड्ढे मौजूद हैं। बस जैसे ही गड्ढे पर पहुंची, तेज झटके से चालक का संतुलन बिगड़ गया।

2️⃣ क्रैश बैरियर (गार्डर) का पूरी तरह अभाव

घटना स्थल पहाड़ी और खाई वाला क्षेत्र है, लेकिन यहां सुरक्षा गार्डर नहीं लगे थे। यदि क्रैश बैरियर होते तो बस खाई में गिरने से रोकी जा सकती थी।

3️⃣ स्टेयरिंग सिस्टम फेल

प्रत्यक्षदर्शी दीपक रिखाड़ी के अनुसार गड्ढे के झटके से बस का स्टेयरिंग नट निकल गया, जिससे चालक चाहकर भी वाहन को मोड़ नहीं सका।

4️⃣ अंधा और तीखा मोड़

हादसे वाली जगह पर लगभग 45 डिग्री का अंधा मोड़ है। सड़क संकरी होने के बावजूद वहां न चेतावनी संकेत हैं, न स्पीड कंट्रोल के इंतजाम।

5️⃣ प्रशासनिक अनदेखी

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क की जर्जर हालत की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समय रहते कोई सुधार नहीं किया गया।

घायलों के इलाज में भी सिस्टम बेबस, फर्श पर बिछाए गए गद्दे

हादसे के बाद जब घायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिकियासैंण पहुंचे, तो स्वास्थ्य व्यवस्था की सीमाएं भी उजागर हो गईं।
सीएचसी में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य के कारण पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते घायलों का इलाज फर्श पर गद्दे बिछाकर किया गया।

हालांकि सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और बाद में हायर सेंटर रेफर किया।

मिनट-दर-मिनट रेस्क्यू टाइमलाइन

  • 08:15 AM – बस हादसा
  • 08:22 AM – स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे
  • 08:31 AM – ग्रामीणों ने रेस्क्यू शुरू किया
  • 08:42 AM – SDM और तहसीलदार पहुंचे
  • 08:50 AM – पुलिस मौके पर पहुंची
  • 09:00 AM – घायल CHC भिकियासैंण पहुंचे
  • 12:25 PM – एयर एंबुलेंस पहुंची
  • 02:21 PM – दूसरे घायल को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया

घायल अवस्था में भी चालक ने दिखाई इंसानियत

हादसे में घायल बस चालक नवीन चंद्र तिवाड़ी ने गंभीर चोटों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। वे खाई से निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंचे और राहगीरों से मदद मांगी, जिसके बाद रेस्क्यू और तेज हो सका।

मृतकों की सूची (7)

  1. तारा देवी (45) – पाली
  2. गोविंद बल्लभ मठपाल (80) – जमोली
  3. पार्वती देवी (75) – जमोली
  4. उमेश (18) – दयलेख, नेपाल
  5. गणेश (20) – दयलेख, नेपाल
  6. नंदन सिंह (70) – जमोली
  7. गोविंदी देवी (58) – घुघुती

प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजा

डीएम अंशुल सिंह ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई है।
दो गंभीर घायलों को हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया है।

सवाल वही—कब सुधरेगी पहाड़ों की सड़क सुरक्षा?

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण और रखरखाव में की गई लापरवाही सीधे लोगों की जान ले रही है।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों की जिम्मेदारी तय हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

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