सशक्त लोकायुक्त की मांग को लेकर देहरादून में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का धरना, चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

देहरादून |  उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सशक्त और स्वतंत्र लोकायुक्त के गठन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इसी क्रम में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने शनिवार को देहरादून के घंटाघर स्थित स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मारक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत बताते हुए राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

2014 का कानून, फिर भी लोकायुक्त नियुक्ति शून्य: शिवप्रसाद सेमवाल

धरने को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में लोकायुक्त अधिनियम पारित होने और उत्तराखंड हाईकोर्ट के बार-बार निर्देशों के बावजूद सरकार ने आज तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकायुक्त के नाम पर भवन, स्टाफ और वाहनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन पद खाली पड़ा है, जो सीधे तौर पर जनता के धन की बर्बादी है।
सेमवाल ने कहा, “यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।”

भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा दंश महिलाएं झेलती हैं: सुलोचना ईष्टवाल

प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे अधिक असर महिलाओं और आम नागरिकों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सशक्त लोकायुक्त के बिना राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही संभव नहीं है।
“हम महिलाओं और आमजन की आवाज बनकर यह लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे,” उन्होंने कहा।

शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक होगा आंदोलन: परमानंद बलोदी

लोकायुक्त अभियान के संयोजक परमानंद बलोदी ने बताया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार पर जनदबाव लगातार बनाया जाएगा।
उन्होंने सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और राजनीतिक दलों से भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अभियान में समर्थन की अपील की।

इंद्रमणि बडोनी की विरासत से जुड़ा संघर्ष: सुमन राम बडोनी

वरिष्ठ नेता सुमन राम बडोनी ने कहा कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी उत्तराखंड आंदोलन के प्रतीक थे और भ्रष्टाचार-मुक्त समाज की कल्पना करते थे।
“उनकी स्मृति में आयोजित यह धरना उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास है,” उन्होंने कहा।

इन नेताओं की रही प्रमुख उपस्थिति

धरने में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
शिवप्रसाद सेमवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष), सुलोचना ईष्टवाल (प्रदेश अध्यक्ष), भगवती प्रसाद नौटियाल (प्रदेश अध्यक्ष, सैनिक प्रकोष्ठ), नवीन पंत (महानगर अध्यक्ष), विनोद कोठियाल, योगेश ईष्टवाल (प्रचार सचिव), भगवती प्रसाद गोस्वामी (जिला अध्यक्ष, सैनिक प्रकोष्ठ), सुभाष नौटियाल (संगठन सचिव), दयाराम मनौड़ी (जिला महामंत्री), प्रीतम नेगी, शोभित भद्री, श्रवण कुमार, शशि रावत, मंजू रावत, बसंती गोस्वामी, हेमा कोटनाला, रजनी कुकरेती, सुमन रावत, कलावती नेगी, सुशीला पटवाल, सुरेंद्र सिंह चौहान सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आंदोलन का अगला चरण तय

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आंदोलन की अगली रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है —

  • 11 जनवरी 2026 को परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक रैली
  • 30 जनवरी 2026 से लोकायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, यदि मांगें नहीं मानी गईं

पार्टी ने स्पष्ट किया कि सशक्त लोकायुक्त की स्थापना तक आंदोलन जारी रहेगा।

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