हरिद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में हरिद्वार जिले में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके एक सहायक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई देहरादून से आई विजिलेंस टीम द्वारा की गई। टीम को पिछले काफी समय से जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार से जुड़े अधिकारियों की रिश्वतखोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
कार्यालय में चल रही है पूछताछ, दस्तावेज खंगाले जा रहे
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार में ही डेरा डाल रखा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और कार्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि श्याम आर्य और उनके सहायक के खिलाफ राशन कार्ड, लाइसेंस और अन्य विभागीय कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही थीं। विजिलेंस ने इन्हीं शिकायतों के आधार पर पूरी योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
विजिलेंस की सख्ती से विभाग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिला पूर्ति विभाग सहित प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।













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