देहरादून, राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन की तत्परता का एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। माता के निधन के बाद पिछले चार वर्षों से उत्तरजीवी प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रही खुड़बुड़ा निवासी तान्या सिंघल को आखिरकार राहत मिल गई है।
मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप उसी दिन लंबित प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
2022 में माता का निधन, 4 वर्षों से भटक रही थीं तान्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तान्या सिंघल की माता का निधन दिसंबर 2022 में हो गया था। नगर निगम की संपत्ति रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए उन्हें उत्तरजीवी प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।
हालांकि, विभिन्न स्तरों पर प्रयास करने के बावजूद उनका प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहा था। इस कारण उन्हें लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डीएम ने दिए जांच के निर्देश, उसी दिन जारी हुआ प्रमाण पत्र
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तहसीलदार सदर को मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में संबंधित अभिलेखों की त्वरित जांच की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर 29 जनवरी 2026 को ही उत्तरजीवी प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद तान्या सिंघल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आभार व्यक्त किया और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
संपत्ति रजिस्टर में दर्ज होगा तान्या का नाम
उत्तरजीवी प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अब नगर निगम के संपत्ति रजिस्टर में तान्या सिंघल का नाम दर्ज किया जा सकेगा। इससे उन्हें संपत्ति संबंधी कार्यों में कानूनी सुविधा मिलेगी।
समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नागरिकों से संबंधित प्रमाण पत्रों एवं अन्य सेवाओं के मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई उनकी प्राथमिकता है और शासन के मार्गदर्शन में आमजन को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।












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