देहरादून: लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार उत्तराखंड के कृषि विभाग को स्थायी निदेशक मिल गया है। वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार को पदोन्नति देते हुए विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। आधिकारिक आदेश जारी होने के साथ ही विभाग में करीब चार महीने से खाली चल रहा यह अहम पद भर गया है।
25 नवंबर 2025 से खाली था पद
कृषि विभाग में स्थायी निदेशक का पद 25 नवंबर 2025 से खाली पड़ा था। इससे पहले प्रभारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल रहे अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी पूरी तरह रिक्त हो गई थी। ऐसे में विभागीय कार्यों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही थी।
जनवरी में तय हो गया था नाम
सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2025 में ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक के बाद दिनेश कुमार का नाम निदेशक पद के लिए तय हो गया था। 5 जनवरी को मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनकी पदोन्नति पर सहमति बनी थी।
हालांकि, प्रशासनिक औपचारिकताओं और प्रक्रिया में समय लगने के कारण आदेश जारी होने में देरी हुई।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश
DPC के बाद प्रस्ताव को शासन स्तर पर आगे बढ़ाया गया और अंततः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति आदेश जारी किया गया।
आदेश के अनुसार, दिनेश कुमार को वेतनमान लेवल-15 में नियमित पदोन्नति देते हुए कृषि विभाग का निदेशक बनाया गया है।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
स्थायी निदेशक के अभाव का मुद्दा उत्तराखंड विधानसभा के सत्र में भी उठ चुका था। विपक्ष और जनप्रतिनिधियों ने विभाग में नेतृत्व की कमी को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया।
सातवें निदेशक बने दिनेश कुमार
राज्य गठन के बाद दिनेश कुमार कृषि विभाग के सातवें निदेशक बने हैं। इससे पहले कई अधिकारियों ने इस पद को नियमित या प्रभारी रूप में संभाला।
- गौरी शंकर ने करीब 10 वर्षों तक इस पद पर कार्य किया
- केसी पाठक जून 2025 तक निदेशक रहे
- इसके बाद प्रभारी निदेशक के रूप में परमा राम ने जिम्मेदारी संभाली
विभाग को मिलेगा स्थायी नेतृत्व
नई नियुक्ति के बाद अब कृषि विभाग को स्थायी नेतृत्व मिल गया है। इससे विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से खाली पड़े इस पद के भरने से कृषि से जुड़ी नीतियों और योजनाओं में स्थिरता आएगी, जिससे किसानों को भी लाभ मिल सकता है।












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