अंधेरे में मौत का सफर! टिहरी में गहरी खाई में गिरी गाड़ी, चालक की दर्दनाक मौत

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। घनसाली-घुत्तू मोटर मार्ग पर सांकरी गांव के पास एक यूटिलिटी वाहन (UK07CD 0854) अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा

यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जिसमें वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

 कौन थे हादसे के शिकार

घनसाली थाना प्रभारी अजय कुमार जाटव के अनुसार:

  • घायल व्यक्ति की पहचान पूरब सिंह रौथान (55 वर्ष) निवासी जौनपुर के रूप में हुई है
  • वह खच्चर खरीदकर अपने गांव सटीयाला लौट रहे थे
  • वाहन चालक बॉबी (निवासी क्यारसी) था, जिसकी हादसे में मौके पर ही मौत हो गई
  • हादसे में एक घोड़े की भी मौत हो गई

 रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चला

घटना की सूचना मिलते ही:

  • घनसाली पुलिस
  • SDRF टीम
  • और स्थानीय ग्रामीण

मौके पर पहुंचे और संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया।

घायल को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए बालेश्वर अस्पताल भेज दिया गया है।

 स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय समाजसेवी भजन रावत ने बताया कि:

  • इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं
  • कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और CM हेल्पलाइन पर शिकायत की गई
  • लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई

ग्रामीणों ने सड़क की स्थिति सुधारने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

 प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसे – क्या कहता है डेटा

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग:

  • जन जागरूकता अभियान चला रहा है
  • ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई जा रही है
  • ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान जारी किए जा रहे हैं

इसके बावजूद पहाड़ी इलाकों में दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

 हादसों के पीछे क्या वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हादसों की मुख्य वजहें हैं:

  • संकरी और जर्जर सड़कें
  • सुरक्षा बैरियर की कमी
  • ओवरस्पीडिंग
  • रात या सुबह के समय कम विजिबिलिटी

टिहरी का यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की खराब स्थिति और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं।

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