देहरादून | उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली 23 वर्षीय फॉरेस्टर नव्या पांडे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जु-जित्सु खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अपने संघर्ष, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने एशियन और साउथ एशियन दोनों मंचों पर स्वर्ण पदक जीतकर नई पहचान बनाई है।
24 मई 2025 को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में आयोजित 9वीं एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप में नव्या ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
इसके बाद मई 2026 में श्रीलंका के दिगाना में आयोजित साउथ एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप में भी नव्या ने अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की खिलाड़ी रिशाल खान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
नव्या की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं। वह वर्ष 2021 और 2022 में वर्ल्ड डुओ जु-जित्सु चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा, वर्ष 2017 से अब तक वह पांच राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुकी हैं।
संघर्ष भरे सफर में नव्या को आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। उनके खेल प्रतिभा को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने उन्हें खेल कोटे के तहत वन विभाग में फॉरेस्टर के पद पर नियुक्ति दी। वर्तमान में वह हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण संस्थान (FTI) में तैनात हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए विभाग ने उन्हें सेवा नियमों के तहत 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
नव्या की सफलता केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि एक निम्न मध्यमवर्गीय पहाड़ी परिवार की बेटी के संघर्ष और सपनों के साकार होने की प्रेरणादायक कहानी है, जिसने एक गैर-परंपरागत खेल में अपनी अलग पहचान बनाई।
राज्य की खेल कोटा नीति की सराहना करते हुए नव्या ने कहा कि इस नीति के तहत खिलाड़ियों को पांच वर्षों तक सेवा से अलग नहीं किया जाता, जिससे उन्हें अभ्यास और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
नव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच विनय कुमार जोशी को दिया। साथ ही, उनके माता-पिता आर.के. पांडे और भारती पांडे उनके सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की।












Leave a Reply