US-Iran Peace Deal 2026: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक 14 सूत्रीय शांति समझौते (Peace Agreement) का मसौदा तैयार किया गया है, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस प्रस्तावित समझौते में अमेरिका द्वारा ईरान को 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज (Reconstruction Package) देने, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण: इस समझौते के पूरे दस्तावेज को अभी तक अमेरिका या ईरान की सरकार ने आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया है। जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज द्वारा प्रकाशित मसौदे पर आधारित है।
US-Iran Peace Agreement: महीनों की बातचीत के बाद तैयार हुआ मसौदा
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Supreme National Security Council) के अनुसार, कई महीनों तक चली बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक Memorandum of Understanding (MoU) को अंतिम रूप दिया गया है।
ईरान ने इस प्रक्रिया को “इस्लामाबाद वार्ता” नाम दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। परिषद के अनुसार, यह समझौता युद्धविराम और भविष्य में व्यापक समझौते की दिशा में पहला कदम है।
अमेरिका ईरान को देगा 300 अरब डॉलर का Reconstruction Package
समझौते के सबसे चर्चित बिंदुओं में से एक अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का प्रस्ताव है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह राशि युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों से प्रभावित ईरानी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए उपयोग की जाएगी।
US-Iran Peace Deal के 14 प्रमुख बिंदु
मेहर न्यूज एजेंसी द्वारा प्रकाशित मसौदे के अनुसार समझौते में निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं:
1. सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियान समाप्त
लेबनान सहित क्षेत्र के सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएगी।
2. ईरान की संप्रभुता का सम्मान
अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने का आश्वासन देगा।
3. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म
30 दिनों के भीतर ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह समाप्त की जाएगी।
4. अमेरिकी सेना की वापसी
ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
5. होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुलेगा
30 दिनों के भीतर Hormuz Strait को सामान्य समुद्री व्यापार के लिए पुनः खोला जाएगा।
6. तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटेंगे
ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने का प्रावधान है।
7. ऊर्जा राजस्व तक पूरी पहुंच
ईरान को ऊर्जा निर्यात से होने वाली कमाई तक पूर्ण पहुंच मिलेगी।
8. 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा आर्थिक सहायता पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
9. 60 दिन की नई वार्ता
परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों पर अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों तक अतिरिक्त वार्ता होगी।
10. परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा
ईरान Nuclear Non-Proliferation Treaty (NPT) के तहत परमाणु हथियार नहीं बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगा।
11. नई सैन्य तैनाती नहीं
बातचीत के दौरान अमेरिका क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती नहीं करेगा।
12. 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति जारी
ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।
13. निगरानी तंत्र का गठन
समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए विशेष तंत्र स्थापित किया जाएगा।
14. संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी
अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव के जरिए मान्यता दिलाने का प्रयास होगा।
न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अभी भी बनी हुई है अनिश्चितता
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई अहम मुद्दे अब भी स्पष्ट नहीं हैं।
मसौदे में यह तो कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन:
- यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की सीमा क्या होगी?
- परमाणु सुविधाओं का भविष्य क्या होगा?
- अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण किस स्तर पर होंगे?
इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
ईरान ने अंतिम समझौते से पहले रखीं तीन बड़ी शर्तें
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अंतिम और व्यापक समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी जब अमेरिका निम्नलिखित कदम उठाएगा:
- फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा जारी करे।
- ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में राहत दे।
- नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करे।
क्या यह समझौता मध्य पूर्व में शांति का नया अध्याय साबित होगा?
यदि प्रस्तावित समझौता तय समय पर लागू होता है तो यह अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराने तनाव को कम करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जाएगा। हालांकि परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों जैसे जटिल मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 60 दिनों की वार्ता इस समझौते की सफलता या विफलता तय करेगी।










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