देहरादून में हुए चर्चित वकील हत्याकांड (Dehradun Lawyer Murder Case) का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि अधिवक्ता सोहेल हसन की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई शाहिद हसन ने ही की थी। आरोपी ने पैसों के विवाद और पुरानी रंजिश के चलते अपने बड़े भाई को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
14 जून 2026 की रात पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के भुड्डी गांव में अधिवक्ता सोहेल हसन को उनके घर में गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। शुरुआत में मामला घर में घुसकर की गई हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
हज पर गए थे माता-पिता, घर में अकेले थे दोनों भाई
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक सोहेल हसन अपने परिवार के साथ भुड्डी गांव में रहते थे। करीब 20-25 दिन पहले उनके माता-पिता हज यात्रा पर गए हुए थे। उस दौरान घर में केवल सोहेल और उनका छोटा भाई शाहिद हसन ही मौजूद थे।
यही तथ्य पुलिस के लिए जांच का अहम आधार बना।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा शाहिद
घटना के बाद शाहिद ने पुलिस और परिजनों को बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और उसके भाई को गोली मारकर फरार हो गया।
हालांकि पूछताछ के दौरान शाहिद लगातार अलग-अलग बयान देता रहा, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने घर और आसपास लगे CCTV Cameras की गहन जांच की।
CCTV जांच में खुला राज
जांच में सामने आया कि घटना के समय किसी भी बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने के साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने यह भी पाया कि घर का CCTV सिस्टम चालू था, लेकिन उसकी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई थी।
इससे पुलिस का शक और गहरा गया।
बाथरूम से बरामद हुई देशी पिस्टल
घर की तलाशी के दौरान पुलिस को बाथरूम में छिपाकर रखी गई 32 बोर की देशी पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की।
पूछताछ में शाहिद टूट गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
10 लाख रुपये और नशे की लत बना हत्या का कारण
पुलिस के मुताबिक आरोपी शाहिद नशे का आदी था और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए अक्सर परिवार से पैसे लेता था।
कुछ समय पहले उसने अपने पिता के खाते से एटीएम के जरिए करीब 10 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए थे। इस बात को लेकर बड़े भाई सोहेल और शाहिद के बीच विवाद हुआ था। सोहेल ने उसकी गलत आदतों का विरोध किया और उसे डांटने के साथ मारपीट भी की थी।
इसी घटना से नाराज होकर शाहिद ने अपने भाई की हत्या की साजिश रची।
दो दिन पहले बंद कर दी थी CCTV रिकॉर्डिंग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हत्या की योजना पहले से बनाई थी। उसने घटना से दो दिन पहले घर के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी ताकि कोई सबूत न बच सके।
मौका मिलते ही उसने अपने पास मौजूद देशी पिस्टल से सोहेल को गोली मार दी।
शव रखकर हाईवे जाम कराने की भी रची साजिश
हत्या के बाद आरोपी ने जांच को भटकाने के लिए एक और चाल चली। उसने ग्रामीणों के साथ मिलकर मृतक के शव को देहरादून-पोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन और जाम लगाने का प्रयास किया।
पुलिस का मानना है कि इसका उद्देश्य हत्या को बाहरी लोगों द्वारा अंजाम दी गई घटना साबित करना था ताकि शक उससे दूर रहे।
हाईवे जाम करने वालों पर भी दर्ज हुआ मुकदमा
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले की जांच के दौरान कानून व्यवस्था बाधित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
SSP प्रमेंद्र डोबाल बोले- 10 घंटे में सुलझा मामला
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज, पूछताछ और बरामद हथियार के आधार पर महज 10 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। आरोपी शाहिद हसन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।









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