नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Apple और Google को अपने ऐप स्टोर से सात चीनी (Chinese) बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स हटाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल E-Rickshaw और अन्य बैटरी से चलने वाले वाहनों को दूर से नियंत्रित (Remote Control) या बंद करने के लिए किया जा सकता था, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इन Chinese Apps पर हुई कार्रवाई
सरकार द्वारा जिन प्रमुख ऐप्स को हटाने का आदेश दिया गया है, उनमें BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion शामिल हैं। ये ऐप्स बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System – BMS) से जुड़े हैं और बैटरी की स्थिति, वोल्टेज और चार्ज लेवल की निगरानी के लिए बनाए गए थे।
हालांकि, जांच में सामने आया कि कमजोर सुरक्षा व्यवस्था वाले सिस्टम में इन ऐप्स के जरिए बैटरी की पावर सप्लाई को दूर से बंद किया जा सकता है।
E-Rickshaw चालकों की शिकायतों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए E-Rickshaw को बीच रास्ते में रोकते हुए दिखाया गया।
वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से बैटरी स्कैन कर उसकी डिस्चार्ज प्रक्रिया रोक रहे थे। इससे कई चालक सड़क पर ही फंस गए और उनका कामकाज घंटों तक प्रभावित हुआ।
Galwan Clash के बाद पहली बार अलग वजह से App Ban
वर्ष 2020 में Galwan Valley में भारत-चीन संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने TikTok समेत सैकड़ों Chinese Apps पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंध लगाया था।
इस बार कार्रवाई की वजह अलग है। सरकार ने पहली बार Battery-Operated Vehicles, Data Security, Remote Interference और वाहनों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को आधार बनाकर ऐप्स हटाने का फैसला लिया है।
MeitY ने दी सख्त चेतावनी
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में कोई अन्य ऐप बैटरी से चलने वाले वाहनों में अनधिकृत दखल देता या उन्हें दूर से नियंत्रित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि संबंधित ऐप्स सरकार के संज्ञान में आने के बाद उन्हें तुरंत ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षा और डेटा संरक्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि Battery Management Apps का उपयोग केवल बैटरी की निगरानी तक सीमित होना चाहिए। यदि इन्हें वाहन की पावर सप्लाई नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो यह न केवल साइबर सुरक्षा बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
सरकार का यह कदम Cyber Security, Data Protection और Electric Vehicle Safety को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।










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