देहरादून। बारिश के बाद देहरादून के सीमाद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को आईटीबीपी रोड और सीमाद्वार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायक सविता कपूर भी मौजूद रहीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव के कारण आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और समस्या के तत्काल समाधान के साथ-साथ इसके स्थायी समाधान की दिशा में भी तेजी से काम किया जाए।
24 घंटे में नालियों की सफाई और पानी की निकासी के निर्देश
जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर निगम को 24 घंटे के भीतर सड़क किनारे की नालियों में जमा मलबा और कूड़ा हटाने को कहा गया है।
इसके साथ ही डिवाटरिंग पंप के माध्यम से जमा पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को सड़क पर यातायात और आवागमन सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
सीमाद्वार में पटवारी की रहेगी तैनाती, होगी लगातार मॉनिटरिंग
डीएम ने निर्देश दिए कि जब तक सीमाद्वार में जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो जाता, तब तक पटवारी क्षेत्र में ही रहकर स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे।
पटवारी को डिवाटरिंग कार्यों की मॉनिटरिंग करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली छोटी समस्याओं का तत्काल संबंधित विभागों से समन्वय कर निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर ही आवश्यक बजट की स्वीकृति भी प्रदान की।
स्थायी समाधान के लिए बनेगी ड्रेनेज सिस्टम की DPR
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि हर बरसात में स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का विस्तृत सर्वेक्षण कराने और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम के लिए DPR (Detailed Project Report) तैयार करने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके क्रियान्वयन में भी तेजी लाई जाए।
न्यूकैंट रोड पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर कड़ा एक्शन
सीमाद्वार के निरीक्षण से पहले जिलाधिकारी ने न्यूकैंट रोड पर यातायात व्यवस्था का भी औचक निरीक्षण किया। सेंट्रियो मॉल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े चौपहिया और दोपहिया वाहनों को देखकर डीएम ने नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सड़क किनारे अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के मौके पर दर्जनों चालान किए गए। इसके साथ ही सड़क किनारे संचालित अवैध फड़-फेरी और अस्थायी दुकानों को हटाने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभाग को सड़क पर स्पष्ट No Parking Sign Boards लगाने के निर्देश दिए गए।
न्यूकैंट रोड के चौड़ीकरण के लिए होगा सर्वे
न्यूकैंट रोड पर बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को सड़क के चौड़ीकरण के लिए तत्काल विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही पुलिस चेकपोस्ट और अन्य संरचनाओं को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सड़क पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और यातायात व्यवस्था में बाधा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर कार्रवाई करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता जलभराव और यातायात जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के साथ-साथ उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना है।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव सहित पुलिस, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।














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