छात्रों के आगे झुकी सोरेन सरकार! JSSC-CGL परीक्षा रद्द, TDPL की सभी परीक्षाओं पर भी चला डंडा

JSSC CGL Exam Cancelled: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को एक बड़े फैसले के बाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL (Jharkhand Staff Selection Commission Combined Graduate Level) परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया।

सरकार के इस फैसले के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि छात्रों की CBI जांच की मांग पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों का पूरी तरह समाधान हुआ है या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

24 दिन तक चला छात्र आंदोलन, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बना केंद्र

आंदोलन की शुरुआत जुलाई के आखिरी सप्ताह में हुई थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा अनियमितताओं की जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग उठाई।

छात्रों ने आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की कोशिश की। इसी वजह से स्टेडियम में अलग-अलग मंच बनाए गए, ताकि आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखा जा सके।

भूख हड़ताल से बढ़ा आंदोलन का दबाव

अगस्त की शुरुआत में आंदोलन ने भूख हड़ताल का रूप ले लिया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। उनके साथ उम्मे हबीबा, राहुल क्रांति समेत अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर बैठे।

लगातार अनशन और खराब मौसम के कारण कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ी। राहुल क्रांति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में अन्य अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता सामने आई।

9 अगस्त को सरकार ने मानीं कई मांगें

9 अगस्त को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लंबी बातचीत हुई। इसके बाद सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023-2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया।

इसी दौरान JPSC के तीनों सदस्यों के इस्तीफे की भी जानकारी सामने आई। सरकार की ओर से इसे छात्रों की अधिकांश मांगों पर सहमति के तौर पर बताया गया।

लेकिन छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच को लेकर उस समय सहमति नहीं बनी। इसके बाद आंदोलन जारी रहा।

10 अगस्त को विधानसभा मार्च और पुलिस कार्रवाई

मांगें पूरी नहीं होने से नाराज छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

इस दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं।

घटना के बाद यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया।

राजनीतिक दलों ने भी सरकार को घेरा

पुलिस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं ने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए और बंद का आह्वान किया।

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की बात करते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। इसके बाद बीजेपी और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

15 अगस्त को भी जारी रहा आंदोलन

स्वतंत्रता दिवस के दिन भी आंदोलनकारियों की गतिविधियां जारी रहीं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल से तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए निकले, लेकिन उन्हें पुलिस द्वारा रोके जाने की बात सामने आई।

लंबे अनशन के कारण प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति भी चिंता का विषय बनी रही।

17 अगस्त को बढ़ा सरकार पर दबाव

17 अगस्त तक छात्रों की ओर से सरकार पर मांगें पूरी करने का दबाव लगातार बढ़ता रहा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी थी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जा सकता है।

इसी बीच सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए आंदोलन की सबसे प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार कर लिया।

सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा क्यों रद्द की?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल था, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए सुधार समिति गठित करने का फैसला भी लिया गया है। इस समिति की अगुवाई वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल करेंगे।

TDPL की कराई सभी परीक्षाओं पर भी बड़ा फैसला

सरकार ने परीक्षा संचालन से जुड़ी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) को लेकर भी अहम फैसला किया है।

सरकार के मुताबिक, इस एजेंसी द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है और एजेंसी द्वारा जारी किए गए परिणाम भी निरस्त किए गए हैं।

अब परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गठित समिति आगे की प्रक्रिया और सुधारों को लेकर सुझाव देगी।

छात्रों की CBI जांच की मांग का क्या हुआ?

JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद तीन छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि, छात्रों की CBI जांच की मांग अभी पूरी नहीं हुई है

यही वजह है कि आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों का अंतिम समाधान हो गया है, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी। आगे सरकार की जांच और सुधार प्रक्रिया पर छात्रों की नजर बनी रहेगी।

आगे क्या होगा?

सरकार के फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि JSSC-CGL की अगली परीक्षा कब होगी और नई भर्ती प्रक्रिया किस तरह आयोजित की जाएगी?

सरकार द्वारा बनाई गई सुधार समिति परीक्षा प्रणाली में खामियों को दूर करने और भविष्य में ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए सुझाव देगी। नई परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी आने के बाद अभ्यर्थियों को आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

Jharkhand JSSC-JPSC Exam Row: 5 बड़े पॉइंट

  • 24 दिन तक छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन किया।
  • 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाएं पहले ही रद्द की जा चुकी हैं।
  • अब JSSC-CGL परीक्षा भी रद्द कर दी गई है।
  • TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं और जारी परिणामों को निरस्त करने का फैसला लिया गया है।
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नई समिति गठित की गई है, लेकिन CBI जांच की मांग अभी बाकी है।

 

 

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