
देहरादून। श्री गुरु राम राय कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शुक्रवार को नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीनियर विद्यार्थियों की शानदार नृत्य और गायन प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को नर्सिंग के क्षेत्र में सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण के महत्व से अवगत कराते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति विपिन चन्द्र घिल्डियाल, कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी, आईक्यूएसी सेल की निदेशक डॉ. सोनिया गंभीर, आईक्यूएसी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अरुण कुमार और कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डीन डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने किया। विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने भी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।
कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डीन डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन, मानवीय संवेदनाओं और मरीजों की देखभाल के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों को एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें कॉलेज और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अध्ययन संबंधी गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया गया, जिससे वे अपनी नई शैक्षणिक यात्रा को बेहतर ढंग से समझ सकें।
इंडक्शन प्रोग्राम का सांस्कृतिक सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहा। सीनियर विद्यार्थियों ने डांस और गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग भर दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को कॉलेज के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण से जुड़ने का अवसर दिया। साथ ही, विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी समझने और अपने भविष्य की शुरुआत नए उत्साह, सकारात्मक सोच और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया।












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