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चमोली में भालू का कहर! चार लोगों को घायल कर दहशत फैलाने वाला हमला, वन विभाग पर उठे सवाल

चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। ताजा मामला चमोली जिले के ज्योतिर्मठ नगर के सिंहधार वार्ड से सामने आया है, जहां मंगलवार तड़के एक भालू ने एक ही परिवार के चार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चारों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार तड़के करीब तीन बजे की है। बताया जा रहा है कि भालू सबसे पहले परिवार की गोशाला में घुसा और वहां मौजूद गाय पर हमला कर दिया। गाय को बचाने के लिए परिवार के सदस्य आगे आए, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया गया।

वन विभाग की टीम नहीं पहुंचने पर लोगों में नाराजगी

घटना के बाद सिंहधार वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हमले के बाद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। लोगों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई करने और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि जंगली जानवरों की आबादी वाले क्षेत्रों में आवाजाही लोगों के लिए खतरा बन रही है। ऐसे में वन विभाग के सामने वन्यजीवों की सक्रियता पर निगरानी रखने और ग्रामीणों व शहरी आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।

उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष के आंकड़े चिंताजनक

उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक वन्यजीवों के हमलों में राज्य में 1,296 लोगों की मौत हुई, जबकि 6,624 लोग घायल हुए। मार्च 2026 की एक रिपोर्ट में सामने आए इन आंकड़ों की जानकारी उत्तराखंड विधानसभा में वन मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से दी गई थी।

इसके अलावा, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच वन्यजीवों से संबंधित घटनाओं में 55 लोगों की मौत और 407 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

इन आंकड़ों को जोड़ने पर वर्ष 2000 से सितंबर 2026 तक वन्यजीवों से संबंधित घटनाओं में अनुमानित रूप से 1,351 लोगों की मौत और 7,031 लोगों के घायल होने का आंकड़ा सामने आता है। हालांकि, यह संयुक्त गणना अलग-अलग अवधि के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है।

ज्योतिर्मठ की घटना ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल

सिंहधार वार्ड में एक ही परिवार के चार लोगों पर हुए हमले ने एक बार फिर वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ती सक्रियता और लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब क्षेत्रवासियों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि विभाग जल्द प्रभावी कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और स्थानीय लोगों को भय के माहौल से राहत मिल सके।

 

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