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गांव में रात को उतरा प्रशासन, नहर से स्कूल तक की समस्याओं पर CDO अभिनव शाह का एक्शन!

देहरादून: ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने ‘रात्रि चौपाल’ की शुरुआत की है। इसकी पहली चौपाल विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर, टूटी पुलिया, जर्जर विद्यालय भवन, धान की फसल में रोग, जलभराव और पेयजल जैसी समस्याएं उठाईं। सीडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं के समाधान पर जोर

21 अक्टूबर 2026 को आयोजित रात्रि चौपाल का उद्देश्य गांवों में पहुंचकर स्थानीय समस्याओं को समझना, विकास कार्यों की समीक्षा करना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। ‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद करेंगे और समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन और धान की फसल में रोग एवं खरपतवार से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। इस पर सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को नहर एवं पुलिया से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग को धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान का परीक्षण कर उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। खरपतवार की पहचान और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों को समस्या के अनुरूप तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके।

जर्जर स्कूल भवन और पेयजल की समस्या पर निर्देश

ग्राम पंचायत में विद्यालय के जर्जर भवन का मामला उठने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और जल्द धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। इसके साथ ही विद्यालय में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया।

ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पानी की समस्या उठाई। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सड़क निर्माण से जलभराव, नहर और पेयजल लाइन की भी होगी जांच

क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने घर के निकट सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या भी उठाई। संबंधित अधिकारियों को नहर की स्थिति का परीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। वहीं, पेयजल लाइन में रिसाव की शिकायत पर जल संस्थान के अधिकारी को तत्काल मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मालदेवता पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव भेजा

रात्रि चौपाल में मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का मुद्दा भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

सीडीओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए और इस संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा।

चौपाल से पहले आंगनबाड़ी केंद्र और राशन की दुकान का निरीक्षण

रात्रि चौपाल से पहले सीडीओ अभिनव शाह ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित राशन की दुकान और निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन की इस पहल के तहत राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आमजन को मिल रही सुविधाओं का वास्तविक आकलन करना है।

किसानों को बीज वितरित, योजनाओं के लाभार्थियों से लिया फीडबैक

चौपाल के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी दी। ग्रामीणों से फीडबैक लेकर योजनाओं की पहुंच और प्रभाव का आकलन किया गया।

कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग ने उपस्थित किसानों को बीज वितरित किए। इसके अलावा ग्रामीणों को स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता से संबंधित जानकारी भी दी गई।

रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण पर्यटन पर भी होगा संवाद

जिला प्रशासन के अनुसार, रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं और विकास की जरूरतों पर फीडबैक लिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय व्यवसायों की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाना है।

रात्रि चौपाल की खास बात यह है कि अधिकारी गांवों में समय बिताकर ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं और स्थानीय परिस्थितियों को समझेंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद मजबूत होगा तथा विकास कार्यों की समीक्षा और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।

ये अधिकारी रहे मौजूद

रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

 

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