
इस चुनावी माहौल को और गर्माने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 6 नवंबर को देहरादून पहुंचेंगे। परेड ग्राउंड में प्रस्तावित पदयात्रा और जनसभा को भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम आयोजन मान रही है। शाह के दौरे के साथ ही प्रदेश में चुनावी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।
अमित शाह के दौरे से भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
अमित शाह के देहरादून दौरे को लेकर भाजपा संगठन सक्रिय हो गया है। पार्टी की ओर से परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों और तैयारियों का दौर जारी है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, गृह मंत्री 6 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे परेड ग्राउंड में आयोजित पदयात्रा और जनसभा में शामिल होंगे। कार्यक्रम को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान से जोड़ा गया है।

भाजपा की ओर से देहरादून महानगर, ऋषिकेश, देहरादून ग्रामीण और हरिद्वार जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की तैयारी की जा रही है। पार्टी स्तर पर 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
रायपुर, राजपुर, धर्मपुर, कैंट और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में भी कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा काशीपुर और जसपुर क्षेत्र से भी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल कराने की तैयारी है।
चुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक सक्रियता बढ़ी
2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती और लक्ष्य दोनों है। ऐसे में केंद्रीय नेताओं के दौरे और बड़े आयोजनों को संगठन में ऊर्जा भरने तथा चुनावी रणनीति को धार देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए संगठनात्मक दिशा और राजनीतिक संदेश मिलने की उम्मीद है। भाजपा प्रदेशभर में जनसभाओं, पदयात्राओं और संगठनात्मक बैठकों के जरिए अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने में जुटी है।
कांग्रेस भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में
भाजपा की बढ़ती सक्रियता के बीच कांग्रेस भी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी नेताओं के प्रदेश दौरे, जनसंपर्क अभियान और सरकार को घेरने वाले मुद्दों पर गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
कांग्रेस की कोशिश है कि प्रदेश के प्रमुख जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत की जाए। भाजपा के बड़े आयोजनों के बीच विपक्ष भी अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है।
अंकिता भंडारी समेत मुद्दों पर रहेगी सियासी नजर
आगामी चुनाव में प्रदेश के कई मुद्दे राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, भर्ती परीक्षाओं और प्रदेश से जुड़े जनहित के सवालों पर दोनों दलों की रणनीति महत्वपूर्ण रहेगी।
अमित शाह के दौरे के दौरान भी प्रदेश के राजनीतिक मुद्दों और आगामी चुनाव की दिशा पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के उत्तराखंड दौरे बढ़ने की संभावना है।
2027 की सियासत में अब तेज होगा नेताओं का दौरा
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि चुनावी तैयारी का दौर शुरू हो चुका है। अमित शाह की देहरादून जनसभा को भाजपा के बड़े चुनावी आयोजनों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
अब प्रदेश में नेताओं के दौरे, जनसभाएं, संगठनात्मक बैठकें और जनसंपर्क अभियान लगातार तेज हो सकते हैं। ऐसे में 2027 की चुनावी बिसात पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला आने वाले समय में और दिलचस्प होने के आसार हैं।













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