वर्त में खाया कुट्टू के आटे से बने पकवान, अब अस्पताल में हो गए भर्ती

राजधानी के विभिन्न इलाकों से 100 से अधिक लोग कुट्टू का आटा खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए हैं. बीमार लोगों को देहरादून के जिला कोरोनेशन अस्पताल और दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पहले स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अस्पताल का दौरा करके फूड प्वाइजनिंक का शिकार हुए लोगों का हालचाल जाना. उसके बाद सीएम धामी ने खुद अस्पताल पहुंचकर बीमार लोगों की खबर ली है.

 

कुट्टू के आटे पूड़ी खाने से कई लोग बीमार: देहरादून में उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में कुट्टू के आटे के पकवान खाने से लोग बीमार हो गए. बीमार लोगों को देखने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे. उन्होंने कहा कि 66 मरीजों को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 44 मरीजों को दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि फिलहाल सभी की तबीयत सामान्य है. उन्होंने चेताया कि इस मामले में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा. बता दें कि मंगलवार को उपवास के बाद इन लोगों ने कुट्टू के आटे से बना भोजन ग्रहण किया था. इसके बाद इन लोगों के पेट में दर्द होने लगा और चक्कर आने लगे. इस बीच कई लोगों को चक्कर आने और उल्टी की शिकायत के बाद कोरोनेशन और दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बतौर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी कुट्टू का आटा खाने से हुई फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों की संख्या बढ़ सकती है. सीएम ने कहा कि सरकार मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शेगी नहीं.

इस घटना के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बताया जा रहा है कि विकासनगर, पटेलनगर, कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों, गोदामों में कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ था. पुलिस द्वारा तत्काल संबंधित दुकानों और गोदामों से कुट्टू के आटे को जब्त किया गया.

देहरादून पुलिस ने की अपील: फूड प्वाइजनिंग की घटना के बाद देहरादून पुलिस सक्रिय हो गई. पुलिस ने अपील जारी की है. पुलिस का कहना है कि नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में ग्राहकों द्वारा कुट्टू के आटे का क्रय और इससे व्यंजन बनाकर सेवन किया जाता है. सोमवार को कुट्टू के आटे से बना भोजन करने से कुछ लोगों का बीमार होना संज्ञान में आया है. बीमार होने पर उनका उपचार कोरोनेशन और दून चिकित्सालय में चल रहा है.

पुलिस द्वारा तत्काल उक्त प्रकरण का संज्ञान लियाb गया तो जानकारी मिली कि विकासनगर क्षेत्र के एक ट्रेडर्स जिसका शिमला बायपास पटेल नगर क्षेत्र में भी गोदाम है, उक्त स्टोर ने कुट्टू का आटा खरीदा था. उक्त विकासनगर, पटेलनगर, कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों, गोदामों में कुट्टू का आटा वितरित किया गया था. पुलिस द्वारा तत्काल संबंधित दुकानों, गोदामों से उक्त कुट्टू के आटे को जब्त किया गया और लगातार कार्रवाई जारी है.

 

आमजन से अनुरोध है कि जिनके द्वारा विकासनगर, पटेलनगर, कोतवाली के उक्त गोदाम या दुकानों से कुट्टू का आटा क्रय या वितरित किया गया है, कृपया वह सभी उक्त कुट्टू के आटे का सेवन न करें. कुट्टू के आटे की प्रमाणिकता जांच के उपरांत ही उसका सेवन करें. ये अपील दून पुलिस की तरफ से जनहित में जारी की गई है.

 

व्रत में क्यों खाते हैं कुट्टू के आटे के पकवान? कुट्टू का आटा फलों के बीजों से बनता है. लोग इसे फलाहारी माना जाता है. इसलिए इसके पकवान व्रत में खाए जाते हैं. यह फलाहारी होने के साथ ही पोषण से भरपूर होता है. इसकी खास बात ये है कि ये ग्लूटेन फ्री होता है. गेहूं के आटे में ग्लूटेन होता है, जो कई लोगों को एलर्जी करता है. कुट्टू के आटे के व्यंजन पाचन में आसान हैं. इसलिए दिन भर के व्रत के बात लोगों की ये पहली पसंद होता है. ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई व्यापारी इसमें मिलावट कर देते हैं, जिससे इससे बने पदार्थ खाने से फूड प्वाइजनिंग हो जाती है.

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