
हल्द्वानी/लालकुआं। हल्द्वानी से लालकुआं के बीच सड़क हादसों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महज तीन दिनों के भीतर हुए दो अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। पहले हल्द्वानी के तीनपानी ओवरब्रिज पर कार दुर्घटना में तीन किशोरों की जान चली गई थी, जबकि अब लालकुआं के सुभाष नगर क्षेत्र में स्कूटी और कैंटर की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। लगातार हो रहे इन हादसों ने तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला दर्दनाक हादसा हल्द्वानी के तीनपानी ओवरब्रिज पर हुआ था। जानकारी के अनुसार, ओवरटेक करने के दौरान कार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार डिवाइडर से टकरा गई। कार में चार नाबालिग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन किशोरों की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना ने कम उम्र में वाहन चलाने और सड़क पर लापरवाही बरतने के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया।
इस हादसे के कुछ ही समय बाद लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में एक और दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर देर रात स्कूटी और कैंटर की टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान चेतन बिष्ट (21), निवासी पश्चिमी दौलतपुर, काठगोदाम और दीक्षित बिष्ट (24), निवासी भवाली के रूप में हुई है।

हादसे के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बाईपास निर्माण से भारी वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद
सुभाष नगर में हुए हादसे के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र लौटनी ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मिलकर ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने लालकुआं बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों का यातायात वैकल्पिक मार्ग से गुजर सकेगा, जिससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।
लगातार हादसे, सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की जरूरत
हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर कम समय में हुई इन घटनाओं ने सड़क पर सुरक्षित सफर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेज रफ्तार, जोखिम भरी ओवरटेकिंग और यातायात प्रबंधन जैसे पहलुओं पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। हादसों में पांच लोगों की मौत के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।












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