यहां जिला अस्पताल में पानी के रिसाव से दीवारों पर दौड़ रहा करंट, मरीजों के लिए बना जान का खतरा।

जिला अस्पताल बागेश्वर की दूसरी मंजिल के आठ और सात नंबर वार्ड में पानी का रिसाव हो रहा है. छत से पानी टपकने के कारण चार वार्ड में ताला लगा दिया गया है. जबकि तीन वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. इनमें भी बरसात के पानी का रिसाव हो रहा है. पानी के रिसाव के साथ एक जानलेवा खतरा भी पैदा हो गया है.

 

लगातार हो रही बारिश के कारण पहले बागेश्वर जिला अस्पताल के दो वार्ड में पानी का रिसाव होने लगा था. रिसाव का दायरा बढ़कर अब सात वार्ड तक पहुंच गया. जल रिसाव के कारण आईसीयू, एचडीयू (उच्च निर्भरता इकाई), बुजुर्ग, बच्चा वार्ड की दीवारों में करंट दौड़ रहा है. इस वजह से चारों वार्ड में ताला लगा दिया गया है.

 

जनरल, हड्डी और पुरुष वार्ड की दीवारों में भी पानी रिसने लगा है. इस कारण जनरल वार्ड, हड्डी वार्ड और पुरुष वार्ड सहित सभी जगह 45 मरीजों को भर्ती किया गया है. जिला अस्पताल में व्यवस्था कर पुरुष वार्ड सहित अन्य वार्डो में महिलाओं और बुजुर्गों को भर्ती करना पड़ा है. जिला अस्पताल के छह कक्षों में सुधारीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी चल रहा है. आईसीयू वार्ड में एनबीएसयू (नवजात शिशु स्टेबलाइजेशन यूनिट) को स्थानांतरित किया गया था लेकिन अब आईसीयू वार्ड में जल रिसाव होने के कारण उस वार्ड को बंद कर दिया गया. एनबीएसयू का संचालन बुजुर्ग वार्ड में किया जा रहा है. अस्पताल में मरीजों के लिए गैलरी और ट्रामा सेंटर में 18 बेड का इंतजाम किया गया है.

 

सीएमएस विनोद कुमार टम्टा ने कहा कि छत से पानी का रिसाव होने के कारण चार वार्ड बंद किए गए हैं. कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण यह हालात बने हुए हैं. मानसून आने से पहले ही संस्था को इस बारे में अवगत कराया गया था. इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है.

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