पहले पीटा, फिर मौत का खेल — पत्रकार हत्याकांड में अमित सहगल गिरफ्तार

देहरादून। राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब हत्या का रूप ले लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में अमित सहगल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक का डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम भी कराया गया है।

 कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा

दिनांक 16 दिसंबर 2025 की सुबह, थाना राजपुर को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि दून विहार क्षेत्र में किराए पर रहने वाला एक व्यक्ति घर के भीतर अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पत्रकार पंकज मिश्रा अपने घर के पीछे वाले कमरे में बेड के पास फर्श पर औंधे पड़े मिले।

उन्हें तत्काल एंबुलेंस से दून चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया।

 परिजनों के आरोपों से बदली जांच की दिशा

उसी दिन रात को मृतक के भाई अरविंद मिश्रा (निवासी लखनऊ) अन्य परिजनों के साथ देहरादून पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने बताया कि 15 दिसंबर 2025 को अभियुक्तों ने मृतक के घर में घुसकर गाली-गलौच की, मोबाइल फोन छीने और जान से मारने की नीयत से मारपीट की, जिससे पंकज मिश्रा की मौत हो गई।

 हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में मु.अ.सं. 234/25 के तहत धारा 103, 304, 333 व 352 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान मृतक की पत्नी, मकान मालिक और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए गए। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए।

प्राप्त साक्ष्यों और बयानों के आधार पर 17 दिसंबर 2025 को पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

 गिरफ्तार आरोपी

  1. अमित सहगल पुत्र स्व. अशोक सहगल, निवासी विजयपुर गोपीवाला, थाना कैंट, देहरादून (उम्र 51 वर्ष)
  2. पार्थोशील पुत्र मनिंद्रनाथ सील, निवासी गोरेगांव ईस्ट, मुंबई (उम्र 45 वर्ष)

 दोबारा पोस्टमार्टम, जांच का दायरा बढ़ा

मृतक के परिजनों के अनुरोध पर एसएसपी देहरादून ने डॉक्टरों के पैनल से पुनः पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए, जिसे आज पूरा किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए साइबर सेल, एसओजी और फोरेंसिक टीम को भी लगाया गया है।

 पुलिस का दावा

एसएसपी देहरादून के अनुसार, अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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