देहरादून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर देहरादून में ‘पीढ़ियों का कारवां’ (An Intergenerational Walkathon for Active Ageing and Bonding) कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी और वरिष्ठजनों के बीच संवाद, सहभागिता और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों के अनुभव, जीवन मूल्यों और सामाजिक योगदान से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर प्रस्तावित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
इसी क्रम में 18 सितंबर 2026 को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कोलागढ़ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास, कोलागढ़ में संयुक्त रूप से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, अपनत्व और संवेदनशीलता की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट्स’, पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, गायन/गीत प्रतियोगिता और स्वरचित कविता/काव्य पाठ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को वरिष्ठजनों के साथ अपने संबंधों, उनके अनुभवों और समाज में उनके योगदान को समझने तथा अभिव्यक्त करने का अवसर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि ‘पीढ़ियों का कारवां’ का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद एवं आत्मीयता को मजबूत करना है। वरिष्ठजनों के अनुभव और जीवन संघर्ष युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण सीख और प्रेरणा का स्रोत हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संबंधित विद्यालय एवं छात्रावास प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के साथ कार्यक्रम को प्रभावी एवं प्रेरणादायी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
‘पीढ़ियों का कारवां’ के माध्यम से वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देने के साथ ही दोनों पीढ़ियों के बीच संवाद का मजबूत सेतु तैयार करने की पहल की जा रही है। कार्यक्रम इस विचार को आगे बढ़ाता है कि वरिष्ठजन केवल परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि अपने अनुभवों और जीवन मूल्यों के साथ समाज की अमूल्य धरोहर भी हैं।













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