प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा: पिता विहीन व जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को मिला जीवनदान

अब तक 1 करोड़ से अधिक की सहायता, 120 असहाय बालिकाओं को मिला शिक्षा का नया जीवन

देहरादून,  पिता के असमय निधन या गंभीर बीमारी के कारण जिन बेटियों की पढ़ाई अधर में लटक गई थी, उनके लिए जिला प्रशासन देहरादून उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी और जनसंवेदनशील योजना ‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ के तहत आज 12वें संस्करण में 26 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यक्रम के दौरान 26 बालिकाओं को कुल 6.93 लाख रुपये की स्कूल व कॉलेज फीस के चेक वितरित किए। यह राशि सीधे संबंधित शिक्षण संस्थानों के खातों में स्थानांतरित की गई।

प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक मिला सहारा

आज लाभान्वित बालिकाओं में

  • 10 बालिकाएं प्राथमिक स्तर,
  • 8 माध्यमिक स्तर,
  • 8 उच्च शिक्षा से संबंधित हैं।

जिला प्रशासन की इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1 करोड़ रुपये की सहायता से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।

पिता के निधन व आर्थिक संकट से बाधित हुई थी पढ़ाई

कु. जिया (बीफार्मा), अनुष्का प्रजापति (एमए प्रथम वर्ष), हिमिका, आदिका, कनक, वैष्णवी, फलक अली, प्रभुगन कौर, किरत कौर, इशिका सिंह, मदीहा बेग, दिया बडोनी सहित कई बालिकाओं की पढ़ाई पिता के निधन अथवा पारिवारिक आर्थिक संकट के कारण रुक गई थी।
‘नंदा–सुनंदा’ योजना के माध्यम से इन सभी की फीस संबंधित स्कूल/कॉलेज खातों में जमा कराकर शिक्षा को दोबारा पटरी पर लाया गया

कैंसर पीड़ित पिता और आर्थिक तंगी के बीच शिक्षा को मिला संबल

कु. सृष्टि (बीसीए 5वां सेमेस्टर), पलक घेयल (एमएससी) और मानसी साहू (जियोलॉजी पीएचडी) जैसी बालिकाएं, जिनके पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या परिवार अत्यंत आर्थिक तंगी में है, उनकी शिक्षा भी जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से पुनर्जीवित की गई।

“शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार” – जिलाधिकारी

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा,

“शिक्षा ही वह सबसे सशक्त टूल है, जिससे सशक्तिकरण और सफलता के रास्ते निकलते हैं। जिला प्रशासन और राज्य सरकार हर जरूरतमंद बेटी के साथ खड़ी है।”

उन्होंने कहा कि इस योजना को प्रदेश स्तरीय नीति में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भी किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड की हर जरूरतमंद बालिका की शिक्षा को संबल मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बढ़ाया हौसला

  • निदेशक जनगणना एवं ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन देहरादून का कार्य आज लिजेंडरी स्तर पर है।
  • मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा का नियमित फॉलो-अप लिया जाता है और प्रशासन निरंतर उनके साथ खड़ा है।

बालिकाओं ने जताया आभार

सभी लाभान्वित बालिकाओं ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और आगे चलकर समाज सेवा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर
निदेशक जनगणना एवं ईवा आशीष श्रीवास्तव,
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह,
जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार,
सीडीपीओ, बालिकाओं की माताएं एवं परिजन उपस्थित रहे।

 

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