उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) ने राज्य में बिजली प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब भारी मांग (पीक आवर) के दौरान उपभोक्ताओं को बैटरी से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पहली बार राज्य में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्थापित किए जा रहे हैं।
क्या है पूरा प्लान?
UJVNL राज्य के चार प्रमुख पावर हाउस पर कुल 120 मेगावाट क्षमता के BESS सिस्टम लगाएगा:
- चीला पावर हाउस – 75 मेगावाट
- ढकरानी – 15 मेगावाट
- तिलोथ – 15 मेगावाट
- खटीमा – 15 मेगावाट
इन सभी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
अब तक UJVNL जितनी बिजली पैदा करता था, वह तुरंत ग्रिड में सप्लाई हो जाती थी। लेकिन अब:
- दिन में जब मांग कम होगी → बिजली बैटरियों में स्टोर की जाएगी
- शाम (पीक आवर) में जब मांग बढ़ेगी → वही स्टोर बिजली सप्लाई की जाएगी
इससे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) को बाजार से महंगी बिजली खरीदने की जरूरत कम होगी।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा?
- पीक टाइम में बिजली कटौती कम होगी
- बिजली की लागत नियंत्रण में रहेगी
- ग्रिड मैनेजमेंट ज्यादा स्मार्ट और स्थिर बनेगा
- रिन्यूएबल एनर्जी का बेहतर उपयोग संभव होगा
आगे की योजना
UPCL भी भविष्य में अपने बिजलीघरों पर BESS सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर जरूरत के समय उपयोग किया जा सके।












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