Advertisement

Breaking : धामी कैबिनेट में इन 5 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

  • देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद कैबिनेट ने पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, शिक्षा और सामाजिक संरचना में सुधार लाना तथा कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय

1. उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम, 2018 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम, 2018 को अनुमोदन प्रदान किया। इससे राज्य की स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण, संवर्धन और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2. निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन का फैसला
बैठक में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संशोधन से राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली और नियमन को और स्पष्ट व प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

3. सार्वजनिक द्यूत रोकथाम कानून लागू
कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने का फैसला लिया। इस कानून के लागू होने से सार्वजनिक स्थानों पर जुए जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण और सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

4. अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस संशोधन का उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों के निस्तारण को मजबूत करना है।

5. कार्मिक विभाग के शासनादेश को अधिनियम का रूप
कैबिनेट ने कार्मिक विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण शासनादेश के प्रावधान को अधिनियम के रूप में प्रख्यापित करने का भी अनुमोदन दिया। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्ट और कानूनी आधार मिलने की उम्मीद है।

राज्य प्रशासन और नीतियों को मिलेगा नया आधार

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली और सामाजिक संस्थाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!