बड़ी खबर: जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार को मिलेगी रफ्तार

देहरादून।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक और प्रक्रियागत अड़चनों से निकालने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण से जुड़ी समस्त भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा को विशेष मजिस्ट्रेट (नोडल अधिकारी) नियुक्त किया है।

यह नियुक्ति RFCTLARR Act, 2013 (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम) के तहत की गई है, ताकि परियोजना से संबंधित सभी कार्यवाही पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके।

भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां विशेष मजिस्ट्रेट के अधीन

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के अंतर्गत:

  • भूमि अधिग्रहण
  • मुआवजा निर्धारण एवं वितरण
  • पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन
  • संबंधित विभागों के बीच समन्वय

से जुड़ी समस्त जिम्मेदारी अब विशेष मजिस्ट्रेट योगेश मेहरा के पास होगी।

विशेष मजिस्ट्रेट, Airport Environment Management Committee (AEMC) सहित सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराएंगे।

सभी विभागों को सहयोग और समन्वय के स्पष्ट निर्देश

जिला प्रशासन ने तहसील प्रशासन डोईवाला, नगर निकाय, वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे:

  • आवश्यक अभिलेख
  • सर्वे रिपोर्ट
  • तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग

विशेष मजिस्ट्रेट को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी स्तर पर परियोजना की प्रगति बाधित न हो।

विलंब की समस्या के समाधान की दिशा में निर्णायक पहल

गौरतलब है कि इससे पूर्व एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ी नोडल जिम्मेदारी डोईवाला उप जिलाधिकारी के पास थी, जो प्रोटोकॉल ड्यूटी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण परियोजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही थी।

अब विशेष मजिस्ट्रेट की नियुक्ति से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व मिलेगा, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा।

मुआवजा और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के कारण हुई थी देरी

जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना लंबे समय से प्रस्तावित है।
बढ़ते हवाई यातायात, चारधाम यात्रा, पर्यटन गतिविधियों और औद्योगिक विकास को देखते हुए:

  • रनवे विस्तार
  • टर्मिनल क्षमता वृद्धि
  • आधुनिक विमानन सुविधाओं का विकास

आवश्यक हो गया था।

हालांकि, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, पुनर्वास तथा पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के कारण परियोजना में विलंब होता रहा। अब प्रशासन ने इन अड़चनों को दूर करते हुए परियोजना को निर्णायक मोड़ पर लाने की तैयारी कर ली है।

उत्तराखंड के विकास को मिलेगा नया आयाम

जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार से न केवल देहरादून, बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद:

  • बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी
  • पर्यटन को नई गति मिलेगी
  • निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
  • चारधाम यात्रा और आपात सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी

जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह प्रशासनिक कदम जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि वर्षों से लंबित यह परियोजना तय समयसीमा में मूर्त रूप ले सकेगी।

 

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