हरिद्वार में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया। नगर कोतवाली क्षेत्र के एक होटल में कमरे के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से जिंदा जलकर राजस्थान के रहने वाले एक जेई की मौत हो गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। मृतक मोहित पंजाब में सीपीडब्ल्यूडी में जेई के पद पर तैनात था और 26 अगस्त से वहां से भी लापता चल रहा था। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार की दोपहर की है। जब पुलिस को सूचना मिली कि रजिस्ट्री तिराहा के पास होटल सिग्नेचर में कमरा नंबर 403 में आग लग गई। कमरे के अंदर एक व्यक्ति था। सूचना पर शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक होटल कर्मचारियों ने कमरे में लगी आग को बुझाने के लिए मास्टर चाबी से लॉक खोल दिया था। मगर अंदर से ऊपर की चटकनी लगी थी। होटल कर्मियों की मदद से पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो नजारा देखकर हड़कंप मच गया। अंदर पड़ा युवक बुरी तरह झुलसा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी।
इंस्पेक्टर रितेश शाह ने बताया कि मृतक की पहचान मोहित (25) पुत्र कैलाश कासनिया निवासी मेड़ता रोड नागौर राजस्थान के रूप में हुई। मृतक पंजाब के बठिंडा में अवर अभियंता के पद पर तैनात था। बृहस्पतिवार सुबह 11:30 बजे ही होटल में कमरा किराये पर लिया था। मौके पर एफएसएल की टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच की जा रही है। परिजनों को जानकारी दे दी गई है।
पुलिस के मुताबिक मोहित के पिता कैलाश कासनिया राजस्थान में सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं, जबकि छोटा भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। मोहित सीपीडब्ल्यूडी में जेई के पद तैनात था। किस विभाग में जेई थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है।
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