देहरादून एयरपोर्ट के पूर्व वित्त प्रबंधक ने किया 232 करोड़ रुपये का गबन, खाते में ट्रांसफर की रकम

देहरादून हवाई अड्डे पर तैनात रहे वरिष्ठ वित्त प्रबंधक राहुल विजय पर 232 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा है। राहुल विजय के खिलाफ वर्तमान वरिष्ठ वित्त प्रबंधक चंद्रकांत पी की शिकायत पर दिल्ली सीबीआई शाखा में गत 26 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरोपी राहुल विजय के पास भारतीय विमान प्राधिकरण (एएआई) के वित्तीय लेनदेन के अधिकार थे। ऐसे में उसने विभिन्न कामों का फर्जी वर्क ऑर्डर दर्शाकर यह रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। आरोपी वर्तमान में इसी पद पर जयपुर हवाई अड्डे पर तैनात है। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त) चंद्रकांत पी ने गत 18 अगस्त को सीबीआई को शिकायत की थी कि उन्होंने वर्ष 2019-20 और 2022-23 के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की थी। इसमें कुछ अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई।

पता चला कि जिस वक्त ये अनियमितताएं हुई तब यहां पर राहुल विजय तैनात था। उन्होंने फरवरी 2019 से अगस्त 2022 तक अपने खातों में 232 करोड़ रुपये एएआई देहरादून के एसबीआई के खाते में ट्रांसफर किए हैं। यह रकम विभिन्न कामों के लिए सामग्री खरीद, निर्माण आदि में खर्च होना दर्शायी गई। शुरुआत में राहुल विजय ने बहुत छोटी-छोटी रकम अपने खाते में ट्रांसफर की ताकि यह लेनदेन पकड़ में न आ सके।

आरोप है कि राहुल विजय ने जिन कामों के असली वर्क ऑर्डर बनाए थे उनके पैसे एएआई के ठेकेदार के खाते में जमा कर दिए। जबकि नकली वर्क ऑर्डर की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा। इसके लिए उसने एएआई देहरादून के एसबीआई के खाते की तीन यूजर आईडी बनाईं। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी राहुल विजय के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

आरोपी ने 29 सितंबर 2021 को 67.81 करोड़ रुपये के फर्जी कार्य आदेश बनाए। इसके अगले दिन 189 करोड़ रुपये की 17 अतिरिक्त फर्जी परिसंपत्तियां जिनमें बिजली से संबंधित भी थीं बनाईं। ये संपत्तियां देहरादून हवाई अड्डे पर थी ही नहीं। यह सारी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। इसी तरह हवाई अड्डे पर 13 वास्तविक संपत्तियां थीं जिनके वर्क ऑर्डर निकाले गए थे मगर राहुल विजय ने इसमें शून्य जोड़कर इन्हें 130 बना दिया। इसके अलावा 43 करोड़ रुपये की गलत इंट्री दिखाकर यह रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। आरोप है कि ज्यादातर कामों में अनियमितताएं उसने हवाई अड्डे के नए टर्मिनल के निर्माण के दौरान कीं।

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