अल्मोड़ा। “सरकारी काम होते नहीं, करवाए जाते हैं” — यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। वर्षों से बिना फार्मेसी अधिकारी के संचालित हो रहे राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अल्मोड़ा में अंततः अस्थायी फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी की ओर से जारी किए गए हैं।
सप्ताह में तीन दिन देंगे सेवाएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियुक्त फार्मेसी अधिकारी फिलहाल सोमवार, मंगलवार और बुधवार को जिला चिकित्सालय के कक्ष संख्या 9 में अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि आगामी माह से यहां पूर्णकालिक फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मरीजों को नियमित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
अस्पताल बंद नहीं होगा, प्रशासन का स्पष्ट आश्वासन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। अस्पताल सोमवार से शनिवार तक (राजकीय अवकाश को छोड़कर) नियमित रूप से संचालित होता रहेगा। यह निर्णय क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कैंप ड्यूटी के कारण प्रभावित होती रही व्यवस्था
गौरतलब है कि पूर्व में “कैंप ड्यूटी” के नाम पर चिकित्सकों की ड्यूटी अन्य स्थानों पर लगाए जाने से अस्पताल की नियमित चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होती रही। दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को अक्सर उपचार के लिए भटकना पड़ता था। इस अव्यवस्था को लेकर गंभीर आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं।
आरटीआई और जनदबाव से संभव हुआ निर्णय
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे द्वारा इस संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) दायर किया गया है, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है। निरंतर प्रयास, जनदबाव और मीडिया के सहयोग से ही यह सकारात्मक निर्णय संभव हो पाया है।
संजय पाण्डे ने इस जनहितकारी अभियान में निष्पक्ष एवं निर्भीक सहयोग देने वाले सभी मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुविधाओं के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।













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