नैनीताल। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को दो वर्षों की अवधि के लिए उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया है।
इस संबंध में भारत सरकार के अपर सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन द्वारा आदेश जारी किया गया। नियुक्ति आदेश अतिरिक्त सचिव प्रेम चंद की ओर से संबंधित सभी संवैधानिक व प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित किया गया है।
जारी आदेश की प्रतिलिपि उत्तराखण्ड के राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, मुख्य न्यायाधीश के सचिव, मुख्य सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, अकाउंटेंट जनरल, राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के पी.एस., सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार, कानून एवं न्याय मंत्रालय के सचिव, तथा डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के तकनीकी निदेशक (एनआईसी) को भी भेजी गई है।
कानूनी क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, अधिवक्ता सिद्धार्थ साह की नियुक्ति से उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उनके अनुभव और विधिक दक्षता को न्यायिक व्यवस्था के लिए उपयोगी माना जा रहा है।













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