एमडीडीए की सलियावाला–धौलास में अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई, 8 से 10 बीघा भूमि पर चला ध्वस्तीकरण अभियान

देहरादून।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते हुए सलियावाला–धौलास क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में लगभग 8 से 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत प्रवर्तन टीमों द्वारा लगातार फील्ड में उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, बल्कि नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना भी है।

बिना स्वीकृत लेआउट की जा रही थी प्लॉटिंग

एमडीडीए द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीरज शर्मा एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा सलियावाला, धौलास, देहरादून क्षेत्र में बिना स्वीकृत लेआउट और मानकों के विपरीत अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि पर प्राधिकरण से किसी भी प्रकार की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी।

नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण कार्रवाई

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान

  • सहायक अभियंता सुरजीत सिंह रावत,
  • अवर अभियंता हर्षित मौठानी,
  • संबंधित सुपरवाइजर एवं
  • पर्याप्त पुलिस बल

मौके पर मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण, सुरक्षित और नियमानुसार संपन्न कराई गई।

अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी सख़्त कार्रवाई

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भविष्य में भी सख़्त अभियान जारी रहेगा। बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

नागरिकों से जागरूक रहने की अपील

एमडीडीए अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि

  • भूमि खरीदने से पहले
  • कॉलोनी की वैधता जांचें
  • मानचित्र स्वीकृति एवं अन्य अनुमतियां प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त करें

अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों की जीवनभर की कमाई जोखिम में पड़ सकती है, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा,
“मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत और जनहित में की जा रही है। हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सुनियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति या क्षेत्र विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी मामलों में समान रूप से लागू किया जा रहा है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा,
“प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमें लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों में ध्वस्तीकरण, सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और कानूनी प्रावधानों के तहत की जाती है।”

 

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