सरोवर नैनीताल में मां नंदा देवी के 123वें महोत्सव का आगाज हो गया है. बीते दिन मां की मूर्ति निर्माण के लिए ज्योलिकोट के चोपड़ा गांव से कदली यानी केले के पेड़ नैनीताल लाए गए. कदली वृक्ष को नैनीताल लाने के बाद स्थानीय महिलाओं, भक्तों ने उत्तराखंड पारंपरिक परिधान पहनकर कदली वृक्ष का स्वागत किया. इस दौरान हजारों की संख्या में भक्तों ने कदली वृक्ष का स्वागत किया.
गौर हो कि कदली वृक्ष का नैनीताल भ्रमण कराया गया, जिसमें शहर के स्कूली बच्चों ने भव्य शोभा यात्रा भी निकाली. नगर भ्रमण के बाद मां नयना देवी मंदिर परिसर में कदली वृक्षों का अभिषेक किया गया. आज इन वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया जाएगा और अष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा.
मां नंदा सुनंदा की मूर्ति निर्माण के लिए गुरुवार को रामसेवक सभा से एक दल चोपड़ा गांव गया था, जो कदली वृक्ष लेकर नैनीताल पहुंचा. जिसके बाद रामसेवक सभा के द्वारा कदली वृक्ष को सुखताल और चीन बाबा क्षेत्र में लाया गया, जहां कदली वृक्ष की पूजा अर्चना हुई. कदली को वैष्णो देवी मंदिर तल्लीताल लाया गया, जहां से स्थानीय महिलाओं,स्कूली बच्चों समेत तमाम लोग शोभा यात्रा निकाली. इस दौरान हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे. वहीं शाम को कदली वृक्ष को मां नैना देवी मंदिर लाया गया और वृक्ष का अभिषेक किया गया. इसके बाद दोनों वृक्षों को मूर्ति निर्माण के लिए मंदिर प्रांगण में रख दिया गया है.
Leave a Reply