आधा जनवरी बीत जाने के बाद भी पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी न के बराबर हुई है। हालंकि मैदानी क्षेत्रों में धुंध और पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने के कारण तापमान में गिरावट होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जबकि कई स्थानों में तेज धूप निकलने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव भी हो रहा है।

देहरादून में आज दिन की शुरुवात धुंध के साथ हुई। दोपहर के समय हल्की धुंध के साथ तेज धूप लगी हुई है। बीते दिन बुधवार को भी सुबह के समय हल्की धुंध छाई रही। दोपहर में तेज धूप निकलने से कड़ाके की ठंड में लोगों को राहत मिली। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने के कारण सुबह , शाम को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसके चलते तापमान में घट रहा है।
उत्तराखंड मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह के समय मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रह सकता है। मैदानी इलाकों जैसे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, काशीपुर और ऊधमसिंह नगर में घना कोहरा छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कोहरे के कारण दृश्यता कुछ कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ समय तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया था।

16 से 19 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ जनपद के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। उधर, सूखी ठंड का ज्यादा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। हालांकि इस बार उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी न होने के कारण सुखी ठंड का असर देखने को मिल रहा है किन्तु अगले हफ्ते से बारिश, बर्फबारी से मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
बारिश और बर्फबारी से पहाड़ों की तरफ पर्यटकों का आवागमन होने से स्थानीय व्यवसायियों को भी लाभ मिलेगा। उत्तराखंड अपनी मनोरम प्रकृति के लिए जाना जाता है, पर्यटकों को लुभाने के लिए स्थानीय लोग भी बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। बारिश और बर्फबारी से सूखी ठंड से भी राहत मिलेगी।












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