देहरादून।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। शासन ने एक साथ 19 आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव करते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि सरकार अब फील्ड और पॉलिसी दोनों स्तर पर प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है।
इस फेरबदल में न केवल प्रशासनिक अनिवार्यता का ध्यान रखा गया है, बल्कि अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभाग सौंपकर संतुलन साधने की कोशिश भी की गई है।
आर मीनाक्षी सुंदरम से आवास विभाग वापस, ऊर्जा और गंगा परियोजना बरकरार
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के दायित्वों में आंशिक बदलाव किया गया है। उनसे आवास विभाग और उससे जुड़े अन्य प्रभार वापस ले लिए गए हैं, जबकि हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी उनके पास यथावत रखी गई है।
सरकार का उद्देश्य है कि वे इन दीर्घकालिक और अहम परियोजनाओं पर पूरी तरह फोकस कर सकें।
डॉ. आर. राजेश कुमार को सौंपा गया आवास विभाग
सरकार ने आवास विभाग की जिम्मेदारी आईएएस डॉ. आर. राजेश कुमार को सौंप दी है। शासन के इस फैसले को एक काबिल और भरोसेमंद अधिकारी को महत्वपूर्ण विभाग सौंपने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पहले से मौजूद कार्यभार को संतुलित करने के लिए कुछ जिम्मेदारियों में सामंजस्य भी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की कमान अब सचिन कुर्वे के हाथ
स्वास्थ्य विभाग और उससे जुड़े अन्य दायित्व अब आईएएस अधिकारी सचिन कुर्वे को सौंपे गए हैं। लंबे समय से अपेक्षाकृत कम सक्रिय भूमिका में रहे सचिन कुर्वे को सरकार ने अब एक बड़ा मौका दिया है, जिससे वे अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित कर सकें।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव
इसके अलावा शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, बीवीआरसी पुरुषोत्तम, दीपेंद्र चौधरी सहित कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के प्रभार में भी हल्के-फुल्के संशोधन किए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय बनाया जा सके।
11 PCS अधिकारियों में भी फेरबदल, प्रत्यूष सिंह को नई जिम्मेदारी
आईएएस के साथ-साथ शासन ने 11 पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया है।
देहरादून के तेजतर्रार सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह से जीएमवीएन के जीएम का प्रभार वापस लेते हुए उन्हें एमडीडीए का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। यह बदलाव शहरी विकास से जुड़े कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
धामी सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल साफ तौर पर यह दर्शाता है कि चुनाव से पहले सरकार अनुभव, दक्षता और भरोसे के आधार पर प्रशासन को मजबूत करना चाहती है। आने वाले दिनों में इन बदलावों का असर शासन-प्रशासन की कार्यशैली और योजनाओं के क्रियान्वयन में साफ दिखाई दे सकता है।














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