Unclaimed Deposits: देश के बैंकों में लंबे समय से ऐसी बड़ी रकम पड़ी है, जिस पर खाताधारकों या उनके परिवारों की ओर से कोई दावा नहीं किया गया है। 31 जनवरी 2026 तक करीब ₹98,073 करोड़ की अनक्लेम्ड डिपॉजिट (Unclaimed Deposits) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के Depositor Education and Awareness Fund (DEA Fund) में ट्रांसफर की जा चुकी थी।
यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 जून 2025 तक DEA Fund में ट्रांसफर की गई अनक्लेम्ड रकम करीब ₹90,545 करोड़ थी। यानी लगभग सात महीनों में इसमें ₹7,528 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, DEA Fund में पैसा ट्रांसफर होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि खाताधारक या उसके कानूनी वारिस का उस रकम पर अधिकार खत्म हो गया है। पात्र व्यक्ति जरूरी प्रक्रिया पूरी करके अपनी रकम का दावा कर सकता है।
क्या होती है Unclaimed Deposit?
जब किसी बैंक खाते में लंबे समय तक कोई लेनदेन नहीं होता और निर्धारित अवधि तक खाताधारक या उसके अधिकृत व्यक्ति की ओर से रकम पर दावा नहीं किया जाता, तो ऐसी जमा राशि को Unclaimed Deposit माना जा सकता है।
कई मामलों में खाताधारक के बैंक खाते की जानकारी परिवार के सदस्यों को नहीं होती। खासकर खाताधारक की मृत्यु के बाद नॉमिनी या कानूनी वारिस को खाते के बारे में जानकारी न होने के कारण रकम लंबे समय तक बिना दावे के पड़ी रह सकती है।
SBI समेत इन बैंकों में सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड रकम
DEA Fund में ट्रांसफर की गई अनक्लेम्ड डिपॉजिट में सार्वजनिक क्षेत्र के कई बड़े बैंकों की बड़ी हिस्सेदारी है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- SBI: करीब ₹20,040 करोड़
- Punjab National Bank: करीब ₹7,585 करोड़
- Canara Bank: करीब ₹6,830 करोड़
- Bank of Baroda: करीब ₹5,848 करोड़
- Union Bank of India: करीब ₹5,549 करोड़
- ICICI Bank: करीब ₹2,278 करोड़
- HDFC Bank: करीब ₹1,912 करोड़
- Axis Bank: करीब ₹1,734 करोड़
इन आंकड़ों से साफ है कि अनक्लेम्ड डिपॉजिट की समस्या केवल छोटे बैंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के बड़े बैंक भी इससे प्रभावित हैं।
बैंक खातों में पैसा बिना दावे के क्यों रह जाता है?
बैंक खातों में रकम लंबे समय तक बिना दावे के रहने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं:
- खाताधारक का पता बदल जाना
- मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट न होना
- लंबे समय तक बैंक खाते का इस्तेमाल न करना
- खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को खाते की जानकारी न होना
- नॉमिनी की जानकारी अपडेट न होना
- जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न होना
- परिवार के सदस्यों को पुराने बैंक खातों या निवेश की जानकारी न होना
कई बार खाताधारक बैंक रिकॉर्ड में अपनी जानकारी अपडेट नहीं कराते, जिससे बैंक के लिए उनसे संपर्क करना मुश्किल हो जाता है।
DEA Fund में पैसा जाने के बाद क्या खाताधारक का अधिकार खत्म हो जाता है?
नहीं।
DEA Fund में रकम ट्रांसफर होने के बावजूद पात्र खाताधारक, नॉमिनी या कानूनी वारिस अपनी रकम पर दावा कर सकता है। इसके लिए संबंधित बैंक से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज और दावे की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
इसलिए अगर आपके परिवार में किसी पुराने बैंक खाते या जमा रकम की जानकारी है, तो उसे अनदेखा न करें। बैंक से संपर्क करके खाते और जमा राशि की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।
RBI ने बैंकों को दिए अहम निर्देश
अनक्लेम्ड डिपॉजिट की बढ़ती समस्या को देखते हुए RBI ने बैंकों को खाताधारकों, नॉमिनी और कानूनी वारिसों तक पहुंचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
बैंकों को अपनी वेबसाइट पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने और उसे समय-समय पर अपडेट करने के लिए भी कहा गया है।
इसके साथ ही लोगों को निष्क्रिय बैंक खातों, अनक्लेम्ड डिपॉजिट और रकम पर दावा करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने के लिए Financial Literacy और Public Awareness Campaigns चलाने पर भी जोर दिया गया है।
खाताधारकों को क्या करना चाहिए?
अगर आपका बैंक खाता है, तो समय-समय पर अपनी बैंकिंग जानकारी अपडेट करते रहें। खासतौर पर इन चीजों की जांच जरूर करें:
- बैंक में मोबाइल नंबर अपडेट है या नहीं
- वर्तमान पता सही दर्ज है या नहीं
- ईमेल आईडी अपडेट है या नहीं
- नॉमिनी की जानकारी सही है या नहीं
- पुराने या निष्क्रिय बैंक खातों की स्थिति क्या है
- परिवार के किसी सदस्य के पुराने बैंक खाते या निवेश की जानकारी तो नहीं है
परिवार के सदस्यों को अपने महत्वपूर्ण बैंक खातों और वित्तीय निवेशों की बुनियादी जानकारी देना भी भविष्य में काफी मददगार हो सकता है।
परिवार में किसी की मृत्यु के बाद बैंक खाते की जानकारी कैसे काम आएगी?
अगर किसी खाताधारक की मृत्यु हो जाती है और परिवार को उसके बैंक खातों की जानकारी नहीं होती, तो बाद में रकम पर दावा करने में परेशानी हो सकती है।
इसलिए बैंक खाते, FD, निवेश और नॉमिनी से जुड़े जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना और परिवार के भरोसेमंद सदस्यों को उनकी जानकारी देना उपयोगी है।
₹98,073 करोड़ का आंकड़ा क्यों है महत्वपूर्ण?
DEA Fund में ट्रांसफर की गई ₹98,073 करोड़ की रकम देश में Unclaimed Deposits की समस्या के बड़े स्तर को दिखाती है। कुछ ही महीनों में इस रकम में हजारों करोड़ रुपये की बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि बड़ी संख्या में बैंक खातों की जानकारी खाताधारकों या उनके परिवारों तक नहीं पहुंच पा रही है।
हालांकि, यह रकम हमेशा के लिए बैंकिंग सिस्टम से बाहर नहीं हो जाती। पात्र खाताधारक या कानूनी वारिस संबंधित बैंक के माध्यम से दावा कर सकते हैं।
इसलिए अगर आपके परिवार में कोई पुराना बैंक खाता है, जिसका लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो उसकी जानकारी जरूर जांच लें। हो सकता है उस खाते में आपकी या आपके परिवार की ऐसी रकम हो, जिसके बारे में आपको जानकारी ही न हो।













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