नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वियोम शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक व दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद अवकाशकालीन न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की पीठ ने उनसे जांच मे सहयोग करने को कहा है.कोर्ट ने अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य में पारित आदेश के आधार पर बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए उन्हें गिरफ्तार नही करने के निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दी है.
मामले के अनुसार देहरादून निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर (यूट्यूबर) वियोम शर्मा ने याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक व दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है. उनपर आरोप है कि उनके द्वारा विपक्षी को डरा धमकाकर 25 लाख रूपये की अवैध रूप से मांग की जा रही है, जबकि याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया है कि विपक्षी ने उनसे सोशल मिडिया के माध्यम से 25 से 30 करोड़ रूपये की सम्पति बिकवाने को कहा, जो उनके माध्यम से बिक चुकी है.
साथ में उनसे यह भी कहा गया कि सम्पति बिकने पर उन्हें इनाम दिया जायेगा, लेकिन अब विपक्षी ने उनके खिलाफ डालनवाला थाने में उल्टा मुकदमा दर्ज कर दिया है. उनके द्वारा याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस ने विपक्षी के प्रार्थनापत्र पर मुकदमा दर्ज किया लेकिन उनके प्रार्थनापत्र पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है.
सुनवाई पर विपक्ष की तरफ से कहा गया कि याचिकाकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से उनको डरा धमका रहा है. साथ ही पैसों की मांग कर रहा है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद यूट्यूबर से कहा है कि वह पुलिस की जांच मे सहयोग करें. साथ ही कोर्ट ने अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य मे पारित आदेश के अनुसार बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया हैं.













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